Sarsatal Phunga Bridge Construction : सरसताल–फुनगा पुल को हरी झंडी, विकास को मिलेगा नया रास्ता
Sarsatal Phunga Bridge Construction
मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत और विकास की मजबूत बुनियाद रखते हुए सरसताल–फुनगा मार्ग (Sarsatal Phunga Bridge Construction) पर 120 मीटर लंबे पुल के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वीकृत यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 5 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से पूरी की जाएगी। यह पुल न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि वर्षों से झेल रहे बरसाती संकट का भी स्थायी समाधान बनेगा।
मनेंद्रगढ़ विकासखंड के खड़गवां ब्लॉक अंतर्गत सरसताल से फुनगा को जोड़ने वाला यह प्रस्तावित पुल सरसताल–फुनगा पुल निर्माण (Sarsatal Phunga Bridge Construction) क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
पुल और उससे जुड़े सड़क निर्माण कार्य के पूरा होते ही देवाडाड, सलका, सुंदरपुर, कटकोना, नेवारी, बहरा, बेलकामार, जरौंधा और सकड़ा सहित आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात के मौसम में इस मार्ग पर आवागमन लगभग ठप हो जाता था, जिससे मरीजों, विद्यार्थियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इस पुल के निर्माण से सालभर सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना ग्रामीण सड़क एवं पुल विकास (Sarsatal Phunga Bridge Construction) की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो पूरे मनेंद्रगढ़ क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदल सकती है।
मनेंद्रगढ़ के विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति क्षेत्र की जनता की ओर से आभार जताया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह पुल क्षेत्रीय विकास, रोजगार और सुविधाओं के विस्तार का मजबूत आधार बनेगा। यह स्वीकृति मनेंद्रगढ़ के लिए सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि विकास की नई राह का उद्घाटन मानी जा रही है।
