
सड़क दुर्घटना में चेहरा बुरी तरह कुचल जाने के बाद 19 वर्षीय नंदकुमार पटेल के लिए सामान्य जीवन की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, लेकिन छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स में हुई अत्याधुनिक चेहरे की जटिल सर्जरी (SIMS Facial Surgery) ने इस चुनौती को सफलता में बदल दिया।
ग्राम मुरली, तहसील पाली, जिला कोरबा निवासी युवक को गंभीर अवस्था में सिम्स लाया गया था, जहां जांच में सामने आया कि चेहरे की दाईं ओर की लगभग सभी हड्डियां पूरी तरह चकनाचूर हो चुकी हैं।
डॉक्टरों ने तत्काल सीटी स्कैन और अन्य आवश्यक जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण ऑपरेशन के दौरान खून भी चढ़ाना पड़ा। करीब 6 से 7 घंटे तक चली यह जटिल फेस रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी (SIMS Facial Surgery) कई मायनों में खास रही।
चिकित्सकों ने सिर के ऊपरी हिस्से से हेमीकोरोनल इनसीजन और आंख के भीतर से दूसरा चीरा लगाकर ऑपरेशन किया, ताकि चेहरे पर किसी भी तरह का बाहरी निशान न पड़े।
इस उन्नत तकनीक के तहत टूटी हुई हड्डियों को उनके वास्तविक स्थान पर स्थापित करने के लिए कुल 10 प्लेट्स और 35 स्क्रू लगाए गए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि युवक के चेहरे पर कोई कट का निशान नहीं आया और भविष्य में वह आत्मविश्वास के साथ सामान्य जीवन जी सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह आधुनिक पद्धति चेहरे की हड्डी जोड़ने की नई तकनीक (SIMS Facial Surgery) का बेहतरीन उदाहरण है।
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफल बनाने में दंत रोग विभाग, एनेस्थीसिया विभाग और रेडियोलॉजी विभाग की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सिम्स के डीन, अधीक्षक और पूरी चिकित्सकीय टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए
इसे राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी उपलब्धि बताया। यह सर्जरी न सिर्फ एक मरीज के जीवन को नई दिशा देने में सफल रही, बल्कि यह भी साबित करती है कि छत्तीसगढ़ में अब जटिल से जटिल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।



