छत्तीसगढ़

Sand Mining : रोक के बावजूद नदी से रेत निकासी का खेल जारी, आखिर किसके भरोसे चल रहा यह काम

रिपोर्टर : साहिल राज लहरे

जांजगीर चांपा जिले के गतवा इलाके में इन दिनों नदी किनारे काफी हलचल देखने (Sand Mining) को मिल रही है। गांव के लोगों के बीच लगातार इसी बात की चर्चा है कि प्रतिबंध लागू होने के बाद भी रात के समय नदी से रेत निकाले जाने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात तक मशीनों की आवाज सुनाई देती है और नदी क्षेत्र में गतिविधियां बनी रहती हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक प्रशासन के आदेश जारी होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि नदी में उत्खनन पूरी तरह बंद हो जाएगा, लेकिन हालात कुछ अलग दिखाई दे रहे हैं। इलाके में इस मुद्दे को लेकर तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं और लोग कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल भी उठा रहे हैं।

प्रतिबंध के बाद भी जारी उत्खनन : Sand Mining

जानकारी के अनुसार गतवा घाट में नदी से रेत निकालने पर रोक होने के बावजूद मशीनों की मदद से उत्खनन किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नदी क्षेत्र में चैन माउंटेन और जेसीबी जैसी मशीनों का उपयोग कर रेत निकाली जा रही है। प्रशासन ने 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से खनन कार्य पर प्रतिबंध लगाया है, इसके बावजूद गतिविधियां जारी रहने की बात सामने आ रही है।

ग्रामीणों ने लगाया भंडारण का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी से निकाली गई रेत को सिलादेही क्षेत्र के नदी किनारे बड़ी मात्रा में जमा किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि यह काम लगातार किया जा रहा है जबकि प्रशासनिक आदेश स्पष्ट रूप से नदी से उत्खनन पर रोक की बात कहते हैं।

खनिज विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल

रेत उत्खनन की शिकायतों के बाद खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों ने उस रास्ते को काटने की कार्रवाई की थी जिसका उपयोग भारी वाहनों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। विभाग ने इसे महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया।

ग्रामीणों के अनुसार जिस रास्ते को काटा गया था उसे बाद में फिर से तैयार कर लिया (Sand Mining) गया और रेत निकासी का काम दोबारा शुरू हो गया। इसी वजह से विभाग की कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

कलेक्टर ने जारी किया है स्पष्ट आदेश

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वर्षा ऋतु के दौरान नदियों में खनन कार्य प्रतिबंधित (Sand Mining) रहेगा। यह निर्देश पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2016 और 2020 की गाइडलाइन के अनुरूप लागू किया गया है। आदेश के अनुसार 10 जून से 15 अक्टूबर तक जिले की नदियों में रेत खनन नहीं किया जाएगा और संबंधित सभी पक्षों को इन निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

लोगों की निगाह अब आगे की कार्रवाई पर

इलाके में सामने आ रहे आरोपों के बीच अब लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रतिबंध लागू है तो उसके पालन को भी सख्ती से सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि नदी और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।

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