बिहार की राजनीति ने आज वैसी ही पलटी मारी है जिसकी उम्मीद कई लोग काफी समय (Samrat Choudhary New CM) से कर रहे थे। पिछले 20 सालों से जिस कुर्सी पर नीतीश कुमार का कब्जा था, अब वहां बीजेपी का राज होने जा रहा है। आज सुबह 11 बजे सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले हैं।
बीजेपी के लिए ये दिन किसी त्योहार से कम नहीं है क्योंकि पार्टी ने अपने 46 साल के इतिहास में पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाया है। अब तक बीजेपी बैसाखी के सहारे चलती थी, लेकिन आज वो खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गई है।
हनुमान जी का आशीर्वाद लेकर निकलेंगे सम्राट (Samrat Choudhary New CM)
शपथ लेने से पहले का नजारा भी काफी दिलचस्प रहने वाला है। सम्राट चौधरी सुबह 10 बजे राजवंशी नगर के पंचरूपी हनुमान मंदिर पहुंचेंगे। वहां पूजा-पाठ करने के बाद ही वो शपथ के लिए लोकभवन जाएंगे। समर्थकों का कहना है कि ये नई शुरुआत है और सम्राट बिल्कुल तैयार हैं।
उनके साथ जेडीयू के विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव भी शपथ लेंगे, जो इस नई सरकार में डिप्टी सीएम की भूमिका निभाएंगे। कल तक जो नीतीश के खासमखास थे, आज वो सम्राट के साथ मिलकर सरकार चलाएंगे।
नीतीश कुमार अब दिल्ली में जमाएंगे डेरा
सबसे बड़ी खबर तो ये है कि नीतीश कुमार, जो दो दशकों तक बिहार के ‘सुशासन बाबू’ बने रहे, अब बिहार छोड़कर दिल्ली की राजनीति की तरफ रुख (Samrat Choudhary New CM) कर रहे हैं। उनके इस्तीफे के साथ ही एक लंबा दौर खत्म हो गया है।
बीजेपी के नेता शाहनवाज हुसैन और राजीव प्रताप रूडी का कहना है कि नीतीश ने जो काम शुरू किए थे, उन्हें अब सम्राट चौधरी आगे बढ़ाएंगे। हालांकि, राजनीति के गलियारों में चर्चा ये भी है कि क्या सम्राट चौधरी, नीतीश जितना लंबा टिक पाएंगे? क्योंकि उनके पास गठबंधन को संभालने के साथ-साथ अपनी पार्टी की उम्मीदों को पूरा करने की भी बड़ी चुनौती है।
तेजस्वी की टेंशन और बीजेपी का पलटवार
इधर सत्ता बदली नहीं कि वार-पलटवार का दौर भी शुरू हो गया है। तेजस्वी यादव के बयानों पर तंज कसते हुए रामकृपाल यादव ने साफ कह दिया कि तेजस्वी अब अंधेरे में तीर मार रहे हैं। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष को अपना भविष्य धुंधला दिख रहा है, इसलिए वो परेशान हैं।
सम्राट चौधरी, जो सिर्फ 9 साल पहले बीजेपी में आए थे, आज बिहार के सबसे ताकतवर चेहरे बन गए हैं। 2024 में डिप्टी सीएम रहे और अब 2025 की जीत के बाद सीधे सीएम की कुर्सी तक पहुंचना, उनके बढ़ते कद को साफ दिखाता है।
बीजेपी के 46 साल के संघर्ष का फल
देखा जाए तो बिहार में जनसंघ और बीजेपी हमेशा से सक्रिय रही, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर मामला हमेशा फंस (Samrat Choudhary New CM) जाता था। बीजेपी ने पहले भी कई बार बड़ी पार्टी होने का गौरव पाया, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बनते रहे।
लेकिन इस बार नंबर गेम और सियासी माहौल दोनों सम्राट के पक्ष में हैं। पहली बार बीजेपी को अपना मुख्यमंत्री मिला है, जो पूरे बिहार पर शासन करेगा। अब देखना ये होगा कि ‘सम्राट’ का ये राज बिहार को किस दिशा में लेकर जाता है।
