प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने निगरानी और सख्त (Road Construction) कर दी है। औचक निरीक्षण के दौरान कई जगह काम की गुणवत्ता पर सवाल उठे, जिसके बाद अधिकारियों से जवाब मांगा गया और संबंधित एजेंसियों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस कदम से निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों में हलचल मच गई है।
निरीक्षण के दौरान कई जिलों में सड़क, पुल और भवन निर्माण कार्यों की मौके पर जांच की गई। अधिकारियों ने जहां आवश्यक सुधार के निर्देश दिए, वहीं लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए गए।
सात जिलों में 34 निर्माण कार्यों की जांच Road Construction
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने 6 जुलाई को रायसेन, पांढुर्णा, शिवपुरी, बुरहानपुर, उमरिया, मंदसौर और निवाड़ी जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कुल 34 कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इनमें लोक निर्माण विभाग के 21, पीआईयू के 6, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 6 और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का एक निर्माण कार्य शामिल था।
20 कार्यों में तत्काल सुधार के निर्देश
निरीक्षण के बाद प्रतिवेदनों की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। समीक्षा में जिन निर्माण कार्यों में कमियां पाई गईं, उनमें से 20 कार्यों में तत्काल सुधार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
गुणवत्ता में कमी पर अधिकारियों को नोटिस
बुरहानपुर जिले के सुंदर नगर और कुंदन डेयरी रोड स्थित पंडारोल नाला पर बन रहे उच्च स्तरीय पुल के निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी और तत्कालीन कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
ठेकेदार के पंजीयन निलंबन के निर्देश
बुरहानपुर जिले में हिवरा फाटा और हैदरपुर फाटा सड़क निर्माण कार्य में भी गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं (Road Construction) पाई गई। इसके बाद संबंधित अनुविभागीय अधिकारी और उपयंत्री के खिलाफ नोटिस जारी करने के साथ निर्माण एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा के पंजीयन को निलंबित करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता से नहीं होगा कोई समझौता
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और जहां भी लापरवाही या अनियमितता मिलेगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
