OP Choudhary Finance Reply : बजट में वित्तीय स्वीकृति पर टकराव, मंत्री के जवाब से नाराज़ विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में बजट में सम्मिलित कार्यों को वित्तीय स्वीकृति देने का मुद्दा गरमा गया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों (OP Choudhary Finance Reply) ने आरोप लगाया कि कई विभागों की फाइलें वित्त विभाग में लंबित हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने अंततः वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक संगीता सिंह ने पूछा कि बजट में शामिल किन-किन कार्यों को अब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली है और वे क्यों लंबित हैं। जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया कि वित्त विभाग में कोई भी कार्य लंबित नहीं है और सरकार की मंशा सभी प्रस्तावों को समय पर स्वीकृति देने की है।
विपक्ष ने सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कई फाइलें लंबित हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रक्रियाओं को सरल (OP Choudhary Finance Reply) बनाया है। मशीन उपकरण की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है, जबकि प्रशासकीय स्वीकृति की सीमा 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है, ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालोद जिले से संबंधित मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की फाइलों की स्थिति स्पष्ट की जाए। मंत्री ने दोहराया कि बालोद से जुड़ी कोई फाइल वित्त विभाग में लंबित नहीं है। इस पर विपक्ष ने प्रक्रिया और स्वीकृति को लेकर सवाल उठाए।
बहस के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि घोषणाएं तो की जा रही हैं, लेकिन स्वीकृतियों में देरी हो रही है। मंत्री ने जवाब दिया कि हर कार्य की एक निर्धारित (OP Choudhary Finance Reply) प्रक्रिया होती है और उसी के तहत स्वीकृति दी जाती है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई तीखी बहस के बाद बजट में शामिल कार्यों की प्रगति और वित्तीय स्वीकृतियों को लेकर सियासी माहौल और गरमा गया है।



