कचना इलाके में इन दिनों एक आवासीय परिसर को लेकर काफी चर्चा (RERA Action) हो रही है। रहने वाले लोग आपस में बात कर रहे हैं कि आखिर इतने समय बाद भी सुविधाएं पूरी क्यों नहीं हुईं। कॉलोनी के अंदर घूमने पर लोगों के चेहरे पर नाराजगी और उम्मीद दोनों साथ नजर आती है।
सुबह से ही कुछ रहवासी एक जगह जुटे दिखे, कोई शिकायतों की बात कर रहा था तो कोई कार्रवाई की उम्मीद जता रहा था। माहौल ऐसा लग रहा था जैसे लंबे समय से दबा मुद्दा अब खुलकर सामने आ गया हो और लोग चाहते हों कि अब इसका समाधान जल्दी निकले।
प्रोजेक्ट पर कार्रवाई का फैसला (RERA Action)
राजधानी रायपुर के कचना स्थित हम्मिंग कोट्री आवासीय प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है।
प्रोजेक्ट पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है और जिम्मेदार पक्ष को साफ निर्देश दिया गया है कि 60 दिनों के भीतर सभी जरूरी सुविधाएं पूरी करनी होंगी।
रहवासियों ने उठाई थी आवाज
इस मामले में प्रोजेक्ट के रहवासी अजय अग्रवाल और अतुल अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी अपील में बताया कि तय समय गुजरने के बाद भी कई जरूरी सुविधाएं अधूरी पड़ी हैं।
उनके अनुसार बैडमिंटन कोर्ट, लॉन, क्लब हाउस और सीवरेज सिस्टम में आरसीसी चैंबर जैसी व्यवस्थाएं अभी तक पूरी नहीं (RERA Action) हो सकी हैं, जिससे रोजमर्रा की परेशानी बढ़ रही है।
अधूरी सुविधाओं से बढ़ी परेशानी
रहवासियों का कहना है कि स्विमिंग पूल में इनलेट और आउटलेट की व्यवस्था नहीं है, जिससे उसका उपयोग संभव नहीं हो पा रहा। क्लब हाउस में सोलर लगाने का वादा भी अधूरा रह गया है।
इसके अलावा भवन की दीवारों में सीलन की समस्या सामने आ रही है, एसटीपी का कंट्रोल पैनल सही तरीके से काम नहीं कर रहा और गार्डन का फव्वारा भी लंबे समय से बंद पड़ा है।
सुनवाई के बाद आया फैसला
मामले को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय शुक्ला ने इसकी सुनवाई (RERA Action) की और रहवासियों के पक्ष में निर्णय दिया। जांच के बाद यह माना गया कि नियमों का पालन ठीक से नहीं हुआ है।
फैसले में प्रोजेक्ट पर जुर्माना लगाने के साथ यह भी निर्देश दिया गया कि अधिकृत अधिकारी सुमित डडसेना 60 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कराएं। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि समय सीमा में सुधार नहीं हुआ तो आगे और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
