दंतेवाड़ा के बारसूर इलाके में सुबह से ही सुरक्षाबलों की आवाजाही बढ़ी हुई थी। गांव के आसपास के लोग दूर से ही हलचल देख रहे थे और आपस में चर्चा कर रहे थे कि जंगल के भीतर कुछ बड़ा चल रहा है। माहौल थोड़ा सतर्क था, लेकिन हर कोई जानना चाहता था कि आखिर क्या मिला है।
जंगल के रास्तों पर जवानों की गतिविधि तेज थी। ग्रामीणों के बीच धीरे धीरे खबर फैलने लगी कि सर्च अभियान के दौरान कुछ अहम चीजें हाथ (Bastar Operation) लगी हैं। इस बीच लोगों के चेहरों पर उत्सुकता और हल्की चिंता दोनों साफ नजर आ रही थी।
जंगल में मिला बड़ा विस्फोटक जखीरा (Bastar Operation)
दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को अहम सफलता मिली है। बारसूर थाना क्षेत्र के तोडमा गांव के घने जंगलों में तलाशी अभियान के दौरान छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह कार्रवाई केंद्रीय बल की 195वीं वाहिनी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर की।
कई तरह के हथियार और सामग्री बरामद
ऑपरेशन के दौरान जवानों ने जंगल में छिपाकर रखे गए कई तरह के हथियार और विस्फोटक सामग्री (Bastar Operation) जब्त की। इनमें इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, इंसास और एसएलआर के कारतूस, ग्रेनेड से जुड़ा सामान, जिलेटिन और सेफ्टी फ्यूज वायर शामिल हैं। इसके अलावा संचार उपकरण, वायरलेस सेट, बैटरियां और नक्सली गतिविधियों से जुड़ा साहित्य भी मिला है। एक भरमार राइफल भी बरामद की गई है।
समर्पण के बाद खुल रहे राज
इस पूरी कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि हाल के समर्पण के बाद अब नक्सलियों के छिपे ठिकाने और हथियार धीरे धीरे सामने आ रहे हैं। सुरक्षाबलों को लगातार इनपुट मिल रहे हैं, जिनके आधार पर अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षित लौटे जवान
अभियान पूरा होने के बाद सभी जवान सुरक्षित वापस (Bastar Operation) लौट आए हैं। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहने की बात कही जा रही है।
