छत्तीसगढ़

Religious Conversion Bill : मतांतरण विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस, बजट सत्र से पहले बनी आक्रामक रणनीति

विधानसभा में बजट पेश होने से पहले प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित मतांतरण विधेयक (Religious Conversion Bill) का विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक में आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार को विभिन्न जनहित मुद्दों पर घेरने की रणनीति भी तैयार की गई।

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बैठक में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार जिस तरह से मतांतरण कानून प्रस्ताव (Religious Conversion Bill) ला रही है, वह कई संवैधानिक और सामाजिक सवाल खड़े करता है। नेताओं का मत था कि जब यह मामला न्यायालय में लंबित है, तब इस विषय पर नया कानून लाने की जल्दबाजी उचित नहीं मानी जा सकती।

धान खरीदी और किसानों के मुद्दे पर घेराव की तैयारी

विधायक दल की बैठक में धान खरीदी को सबसे प्रमुख मुद्दा बताया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए और खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। बोरा भराई, तौल और परिवहन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों को भी गंभीर बताया गया।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य के इतिहास में धान खरीदी व्यवस्था इतनी अव्यवस्थित पहले कभी नहीं रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदन में किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

कानून-व्यवस्था और विकास पर भी सवाल

बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति, सड़कों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार, उद्योगों द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की गाइडलाइन के उल्लंघन और बिजली बिल दरों में वृद्धि जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आम जनता महंगाई और प्रशासनिक अव्यवस्था से परेशान है।

इसके अलावा एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से नाम कटने के मामलों को भी गंभीर मुद्दा बताते हुए कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इन सभी विषयों को बजट सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा।

पेसा कानून और आदिवासी क्षेत्रों का मुद्दा

बैठक में अधिसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून (PESA Act) के क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में कानून का सही पालन नहीं हो रहा है। साथ ही माओवादी प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार एक ओर माओवाद के खात्मे की बात करती है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए ठोस योजना सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने इस विषय पर भी सदन में विस्तृत चर्चा की तैयारी की है।

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वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी

बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने एकजुट होकर विपक्ष की भूमिका को मजबूत बनाने और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि आगामी बजट सत्र में मतांतरण विधेयक विवाद (Religious Conversion Bill) सहित किसानों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई जाएगी।

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