छत्तीसगढ़शहर

राजस्थान की एनजीओ करेगी 5 हजार कुत्तों की नसबंदी

डॉग बाइट बढऩे से इंजेक्शन की मांग बढ़ी

ईश्वर चंद्रा
कोरबा/नवप्रदेश। (Rajasthan NGO to sterilize 5,000 dogs)
कोरबा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। लगातार सामने आ रहे डॉग बाइट के मामलों के बीच नगर निगम ने कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए राजस्थान की एक हृत्रह्र को 5 हजार कुत्तों की नसबंदी का जिम्मा सौंपा है।

एक कुत्ते की नसबंदी पर करीब 1600 रुपए खर्च होने की जानकारी सामने आई है, जिससे पूरे अभियान की लागत लाखों रुपए में पहुंच रही है। शहर में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढऩे से अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन की मांग भी बढ़ गई है। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में सबसे ज्यादा खतरा देखा जा रहा है। हालांकि अभियान की रफ्तार को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। पिछले कई महीनों से शहर में डॉग बाइट की शिकायतें बढ़ती रहीं, लेकिन नसबंदी अभियान अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया। इसे लेकर आम लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

नसबंदी अभियान की रफ्तार बढ़ाई जाएगी: आयुक्त
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 42 कुत्तों की नसबंदी, 238 कुत्तों की डिवार्मिंग और 563 कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है। इम्पैनल एजेंसी को कार्यादेश जारी होने और अनुबंध प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभियान को व्यवस्थित रूप से शुरू किया गया है। वर्तमान में 5 निगरानी दल कार्य कर रहे हैं तथा 75 क्षमता वाले डॉग शेल्टर का उपयोग किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि आने वाले समय में नसबंदी और टीकाकरण अभियान की रफ्तार बढ़ाई जाएगी ताकि डॉग बाइट की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। साथ ही नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है।

आवारा कुत्तों के झुंड को लेकर चिंता बरकरार
शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। सुबह टहलने निकलने वाले लोग, स्कूल जाने वाले बच्चे और बाइक सवार अक्सर इनके हमले का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर है कि निगम और एनजीओ का यह अभियान जमीन पर कितनी तेजी से असर दिखाता है।

वर्जन : – स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
एंटी डॉग बाइट वैक्सीन सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है और किसी भी मरीज को बिना टीका लगाए वापस नहीं भेजा जाएगा। सेंट्रल गाइडलाइन के अनुसार यदि सीजीएमएसी से समय पर इंजेक्शन की आपूर्ति नहीं हो पाती है, तब भी स्थानीय स्तर पर खरीदी कर मरीजों को टीका लगाना अनिवार्य है। विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डॉग बाइट पीडि़तों का उपचार प्रभावित नहीं होना चाहिए। – एसएन केशरी, जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा

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