Rajasthan Assembly Budget Controversy : राजस्थान बजट पर ‘छोरा-छोरी’ विवाद: बीजेपी विधायक के बयान से विधानसभा में बवाल, कांग्रेस ने बताया भेदभावपूर्ण

राजस्थान विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान दिए गए एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर (Rajasthan Assembly Budget Controversy) दिया है। वैर सीट से भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने मौजूदा सरकार के बजट की तुलना “छोरे के जन्म” से और पूर्व कांग्रेस सरकार के बजट की तुलना “छोरी के जन्म” से कर दी। इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ और विपक्ष ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
क्या कहा था विधायक ने?
बजट प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कोली ने कहा, “हमारा जवानी का बजट है, इनका बुढ़ापे का बजट था जो चुनाव से पहले आया था।” उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार ने पहले, दूसरे और अब तीसरे बजट में भी “छोरा पैदा किया”, जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आखिरी बजट में “छोरी पैदा हुई”। उनके इस बयान को लेकर विपक्षी विधायकों ने कड़ी नाराजगी जताई।
कांग्रेस का तीखा पलटवार
नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने बयान को “भेदभावपूर्ण और शर्मनाक” बताया। उन्होंने सदन में कहा, “क्या यही महिला सम्मान है? बेटा और बेटी में फर्क करना आपकी सोच (Rajasthan Assembly Budget Controversy) को दर्शाता है।”
जूली ने भावुक अंदाज में कहा कि वे स्वयं दो बेटियों के पिता हैं और सदन में इस तरह की तुलना करना उचित नहीं है। कांग्रेस विधायकों ने इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताते हुए विरोध जताया।
बयान पर सफाई
विवाद बढ़ने के बाद बहादुर सिंह कोली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बयान में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने इसे ब्रजभाषा की अभिव्यक्ति बताया और कहा कि उनका आशय केवल “अच्छे बजट” से था। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस टिप्पणी को लेकर बहस तेज (Rajasthan Assembly Budget Controversy) हो गई है और इसे लैंगिक संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजस्थान की राजनीति में बजट पर शुरू हुई यह बहस अब सामाजिक विमर्श का रूप ले चुकी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।



