संपादकीय: महाकुंभ पर राज ठाकरे का विवादित बयान

Raj Thackeray’s controversial statement on Maha Kumbh: महाराष्ट्र नवनिमार्ण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे वाली कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है। उनकी पार्टी की महाराष्ट्र में पूछ परख नहीं हो रही है। खुद राज ठाकरे भी हासिए पर जा रहे हैं। ऐसे में चर्चा में बने रहने के लिए उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ को लेकर विवादित बयान देकर नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। प्रयागराज महाकुंभ का बहुत पहले समापन हो चुका है।
अब उसपर विपक्षी नेताओं की टिका टिप्पणी भी बंद हो गई है। ऐसे में राज ठाकरे ने अपनी पार्टी के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए यह बयान दिया है कि गंगा का पानी बहुत प्रदूषित हो गया था वे तो उसे हाथ से छुना भी पसंद नहीं करेंगे। समझ में नहीं आता की राज ठाकरे ने इस तरह का बयान आखिर दिया क्यों है।
यदि उनमें महाकुंभ के प्रति आस्था नहीं हैं तो वहां स्नान करने नहीं गये लेकिन अब वे इस तरह का विवादित बयान देकर उन करोड़ो श्रद्धालुओं की आस्था का मजाक क्यों उड़ा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रयागराज में डुबी लगाकर कई लोग बिमार पड़ गये। जबकि देश के किसी भी हिस्से से ऐसी कोई खबर नहीं आई है कि प्रयागराज में डुबकी लगाने से कोई अस्वस्थ हुआ हो जबकि प्रयागराज पहुंचने में करोड़ो लोगो को ट्रेनों में और अपने निजि वाहनों मे भी दिक्कतों का समाना करना पड़ा।
और प्रयागराज में भी संगम तट तक पहुंचने के लिए मीलो पैदल चलना पड़ा। यहां तक आधी रात के बाद भी कड़ाके की ठंड में लोगों को स्नान करना पड़ा। फिर भी किसी ने कोई शिकायत नहीं की। महाकुंभ को लेकर विवादास्पद बयानबाजी से बड़बोले नेताओं को बचना चाहिए।



