Raipur Commissionerate System : 23 जनवरी से बदल जाएगा सिस्टम, एक फैसले से खिसकेंगे कलेक्टर के बड़े अधिकार

शहर की प्रशासनिक संरचना में ऐसा बदलाव होने जा रहा है, जिसका असर सीधे आमजन की रोजमर्रा (Raipur Commissionerate System) की जिंदगी पर पड़ेगा। जिन फैसलों के लिए अब तक अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वे जल्द ही एक ही स्तर पर तय होंगे। अंदरखाने तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, अब बस औपचारिक ऐलान बाकी है।
राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम 23 जनवरी से लागू किया जा रहा है। इसे लेकर आधिकारिक अधिसूचना एक-दो दिन में जारी होने की संभावना है। कमिश्नरी लागू होते ही कलेक्टर के कई महत्वपूर्ण अधिकार सीधे पुलिस कमिश्नर के अधीन चले जाएंगे। इसके लिए विस्तृत खाका तैयार कर विधि विभाग को भेजा जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस कमिश्नर को करीब 17 अहम अधिकार सौंपे जाने की तैयारी है। इनमें धरना-प्रदर्शन की अनुमति, धारा 144 लागू करने का अधिकार, जिला बदर (Raipur Commissionerate System) की कार्रवाई, शस्त्र लाइसेंस, ट्रैफिक नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसे गंभीर अधिकार शामिल हैं। यह ड्राफ्ट देश के बड़े शहरों में लागू पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है।
कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद शहर की कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक संचालन और सुरक्षा से जुड़े फैसले सीधे पुलिस कमिश्नर स्तर पर लिए जाएंगे। इससे प्रशासनिक निर्णयों में देरी कम होने और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस कमिश्नर के नाम को लेकर अभी मंथन जारी है, लेकिन एडिशनल पुलिस कमिश्नर के रूप में मौजूदा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को जिम्मेदारी मिलने की संभावना लगभग तय मानी (Raipur Commissionerate System) जा रही है। नए सिस्टम के तहत जेल प्रशासन, पैरोल, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण, देह व्यापार, ट्रैफिक नियमों का पालन, हथियार लाइसेंस, विस्फोटक और पेट्रोलियम से जुड़े मामलों में भी पुलिस कमिश्नर की भूमिका निर्णायक होगी।
प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि इस बदलाव से राजधानी में कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण और ज्यादा प्रभावी होगा, वहीं फैसलों की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज हो सकेगी।



