Railway Infrastructure Expansion 2025 : रेलवे ने 2025 में सबसे दुर्गम इलाकों तक पहुंच बनाई, चिनाब से पंबन तक बदली कनेक्टिविटी की तस्वीर

Railway Infrastructure Expansion 2025

Railway Infrastructure Expansion 2025

भारतीय रेलवे ने वर्ष 2025 में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिनकी कल्पना पहले मुश्किल मानी जाती थी। इस दौरान रेलवे ने देश के कुछ सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण इलाकों तक रेल संपर्क का विस्तार किया। इन प्रयासों को रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार (Railway Infrastructure Expansion 2025) के रूप में देखा जा रहा है, जिसने राष्ट्रीय रेल नेटवर्क की पहुंच को नए आयाम दिए हैं।

तमिलनाडु के पंबन में देश का पहला वर्टिकल-लिफ्ट रेल पुल और जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल 2025 की सबसे ऐतिहासिक उपलब्धियों में शामिल रहे। इन परियोजनाओं ने न केवल इंजीनियरिंग क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी साबित किया कि भारतीय रेलवे अब अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में सक्षम है।

पूर्वोत्तर भारत को मिली बड़ी सौगात

इस वर्ष बिरबी–सैरांग रेल लाइन के चालू होने के साथ ही मिजोरम भी रेल मानचित्र पर पूरी तरह दर्ज हो गया। यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी और इसके पूरा होने से पूर्वोत्तर के दूरस्थ और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क मिला। दुर्गम पहाड़ी इलाकों को जोड़ने की यह पहल रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार (Railway Infrastructure Expansion 2025) की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

रेल मंत्रालय का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और सामरिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

42 परियोजनाओं का शुभारंभ, 25 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश

रेल मंत्रालय ने 2025 में देशभर में कुल 42 नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिनकी कुल अनुमानित लागत 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें नई लाइनें, दोहरीकरण, विद्युतीकरण और पुल निर्माण जैसी योजनाएं शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य दूर-दराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ना और रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक बनाना है।

इस वर्ष रेलवे ने रिकॉर्ड संख्या में विशेष ट्रेनें भी संचालित कीं। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए 15 नई ट्रेनों की शुरुआत की गई, जिनमें आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत एक्सप्रेस का विशेष योगदान रहा।

वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार

रेल मंत्रालय की वार्षिक समीक्षा के अनुसार, वर्ष के अंत तक देश में कुल 164 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें सेवाएं दे रही हैं। इन ट्रेनों ने तेज, आरामदायक और आधुनिक रेल यात्रा की अवधारणा को मजबूती दी है।

इसके साथ ही, 13 नई अमृत भारत ट्रेनें भी रेल नेटवर्क में जोड़ी गईं, जिससे इनकी कुल संख्या 30 तक पहुंच गई। अमृत भारत ट्रेनें खास तौर पर मध्यम दूरी के यात्रियों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं।

नमो भारत रैपिड रेल से बढ़ी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

रेलवे ने दो नई नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं भी शुरू की हैं। इनमें गुजरात में भुज–अहमदाबाद और बिहार में मधुबनी जिले के जयनगर से पटना को जोड़ने वाली सेवाएं शामिल हैं। इन ट्रेनों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और यात्रियों का समय भी बच रहा है।

कुल मिलाकर, 2025 भारतीय रेलवे के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और कनेक्टिविटी के लिहाज से ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। दुर्गम इलाकों तक पहुंच और आधुनिक ट्रेनों के विस्तार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे अब सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की धुरी बन चुका है।