छत्तीसगढ़

Vijay Sharma Statement : नक्सलवाद के खिलाफ जीत हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि”… गृह मंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने नक्सलवाद के मुद्दे पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदेश ने “लाल आतंक” के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल (Vijay Sharma Statement) कर ली है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि वर्षों से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति की ओर बढ़ चुका है और नक्सली नेटवर्क लगभग खत्म हो गया है।

बस्तर की जनता और जवानों को दिया श्रेय (Vijay Sharma Statement)

गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस जीत का असली श्रेय बस्तर की जनता और सुरक्षा बलों को जाता है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक नक्सलियों का सबसे बड़ा गढ़ छत्तीसगढ़ रहा, जहां 2023 तक करीब 75% नक्सली सक्रिय थे और 90% आर्म्स कैडर भी यहीं मौजूद था। उन्होंने कहा कि जवानों के साहस, रणनीति और सटीक ऑपरेशन के कारण अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। कई बड़े ऑपरेशन ऐसे रहे, जहां नक्सली ढेर हुए लेकिन सुरक्षा बलों को एक भी खरोंच तक नहीं आई-जो इस अभियान की सफलता को दर्शाता है।

टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस बना गेम चेंजर

मंत्री शर्मा ने बताया कि इस अभियान में टेक्नोलॉजी आधारित इंटेलिजेंस का बड़ा योगदान रहा। आधुनिक तकनीक के जरिए नक्सलियों की गतिविधियों को ट्रैक (Vijay Sharma Statement) किया गया, जिससे ऑपरेशन ज्यादा सटीक और प्रभावी बने। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ हथियारों की लड़ाई नहीं थी, बल्कि रणनीति, सूचना और समन्वय का भी बड़ा योगदान रहा। इसी वजह से सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिली और नक्सली नेटवर्क कमजोर पड़ता गया।

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गृह मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ अभियान चला रहे थे, तब राजनीतिक सहयोग की उम्मीद थी, लेकिन इसके बजाय आरोप लगाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेताओं ने एनकाउंटर को फर्जी बताया, जबकि खुद नक्सलियों ने पत्र जारी कर घटनाओं की पुष्टि की थी। मंत्री ने इसे जवानों के पराक्रम पर सवाल उठाने जैसा बताया और कहा कि बिना पूरी जानकारी के ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए।

जनसहभागिता से मिली बड़ी सफलता

गृह मंत्री ने बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ इस लड़ाई में समाज की भूमिका भी बेहद अहम रही। नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में जनजातीय समाज के प्रमुखों के साथ लगातार बैठकें की गईं। इन बैठकों के जरिए लोगों को जागरूक किया गया और नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई और कई नक्सलियों का पुनर्वास संभव हो सका।

99% नेटवर्क खत्म, कुछ क्षेत्र अभी भी निगरानी में

मंत्री शर्मा ने दावा किया कि नक्सल संगठन का करीब 99% नेटवर्क समाप्त (Vijay Sharma Statement) हो चुका है। अब सिर्फ कुछ छोटे समूह ही बचे हैं, जो कांकेर के उत्तरी हिस्से और दक्षिणी इलाकों में सीमित हैं। उन्होंने कहा कि इन समूहों पर भी नजर रखी जा रही है और उनकी गतिविधियां पूरी तरह ट्रैक की जा चुकी हैं। कई नक्सली हथियार छोड़कर गांवों में सामान्य जीवन जीने लगे हैं, जो इस अभियान की बड़ी सफलता है।

पुनर्वास के लिए सरकार तैयार

सरकार की नीति पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि जो भी नक्सली हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए दरवाजे खुले हैं। पुनर्वास योजना के तहत उन्हें सुरक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सिर्फ नक्सलवाद खत्म करना नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और विश्वास स्थापित करना है।

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