चार महीने में प्रॉपर्टी टैक्स से 57.39 करोड़ की वसूली, अब बड़े बकायादारों पर कार्रवाई की तैयारी
रायपुर। नगर निगम रायपुर के प्रॉपर्टी टैक्स वसूली अभियान में तेजी आई है। मई से शुरू हुए अभियान के तहत अगस्त के अंत तक करीब 52 करोड़ रुपये की वसूली की गई थी। सितंबर के पहले सप्ताह में करीब 5 करोड़ रुपये और मिलने के बाद निगम की कुल राजस्व वसूली 57 करोड़ 39 लाख 85 हजार रुपये तक पहुंच गई है। अब निगम ने बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। वसूली के मामले में जोन-10 कमिश्नरी सबसे आगे रही। यहां से अब तक 8 करोड़ 6 लाख 71 हजार रुपये की वसूली की गई है। वहीं जोन-2 कमिश्नरी ने 7 करोड़ 67 लाख 60 हजार रुपये वसूल किए हैं। निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने इस सप्ताह वसूली अभियान में और तेजी लाने तथा बड़े बकायादारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बड़े बकायादारों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक शहर के बड़े प्रॉपर्टी टैक्स बकायादारों की संपत्तियों की कुर्की (Attachment) पर इस सप्ताह निर्णय लिया जा सकता है। विशेष रूप से जोन-8 और जोन-9 के बड़े क्षेत्रों में ऐसी कार्रवाई की संभावना है। निगम ने कार्रवाई के संबंध में आवश्यक कानूनी सलाह भी ले ली है। इसके अलावा जिन संपत्तियों को पहले सील किया जा चुका है, उनके मालिकों से भी बकाया टैक्स की वसूली के लिए चर्चा की जाएगी।
सरकारी विभागों से पानी और यूजर चार्ज लेने की तैयारी
उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा ने बताया कि राज्य शासन के संस्थानों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का प्रावधान नहीं है। हालांकि, इन विभागों से पेयजल और यूजर चार्ज की वसूली को लेकर निगम ने प्रारूप तैयार कर लिया है। निगम आयुक्त से विस्तृत चर्चा के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इसमें यह तय होगा कि पानी और यूजर चार्ज की राशि निगम के साथ समायोजित (Adjustment) की जाएगी या संबंधित विभागों से सीधे राशि ली जाएगी।
3.63 लाख से अधिक प्रॉपर्टी, 35 हजार से ही भुगतान
निगम के मुताबिक शहर में वर्तमान में कुल 3 लाख 63 हजार 423 प्रॉपर्टी दर्ज हैं। इनमें से 3 लाख 49 हजार 231 प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जिनसे निगम को प्रॉपर्टी टैक्स वसूलना है। अधिकारियों के अनुसार अब करीब 1.50 लाख प्रॉपर्टी से पानी और कचरा शुल्क की वसूली भी की जाएगी। खास बात यह है कि अब तक वसूल किया गया 57.39 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स महज 35 हजार 444 भुगतान करने वाली प्रॉपर्टी से मिला है। यह संख्या अभी 50 हजार तक भी नहीं पहुंची है। ऐसे में निगम का राजस्व अमला आने वाले दिनों में बकायादारों पर शिकंजा कसते हुए वसूली बढ़ाने की तैयारी में है।
212 खाली दुकानों के आवंटन की बनेगी नई नीति
नगर निगम की जवाहर बाजार, गांधी मैदान और अग्रसेन चौक स्थित 212 दुकानें पिछले कई वर्षों से खाली हैं। इनके आवंटन के लिए राज्य शासन द्वारा तय आरक्षण व्यवस्था में दो वर्गों के हितग्राही नहीं मिलने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया है। अब निगम की ओर से दिव्यांगजन, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के लिए विज्ञापन जारी कर दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।



