Pradhan Mantri Dhan Dhanya Krishi Yojana : डेम के पानी में बदली किस्मत, सरकारी योजना से आदिवासी समिति और किसान बने आत्मनिर्भर

Pradhan Mantri Dhan Dhanya Krishi Yojana

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जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड स्थित सोगड़ा डेम में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत किए जा रहे कार्यों का एडिशनल सेंट्रल नोडल ऑफिसर बी.के. पुरूशटी ने अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने आदिवासी कमल मछुआ सहकारी समिति द्वारा डेम में किए जा रहे मछली पालन कार्यों की जानकारी ली और समिति के सदस्यों से संवाद किया।

आदिवासी कमल मछुआ सहकारी समिति वर्ष 2018 से सोगड़ा डेम में नियमित रूप से मछली पालन (Pradhan Mantri Dhan Dhanya Krishi Yojana) कर रही है। समिति अध्यक्ष ने बताया कि डेम में प्रतिवर्ष करीब 1500 किलोग्राम मछली का उत्पादन किया जाता है। इससे समिति को सालाना लगभग दो लाख रुपये की आमदनी हो रही है, जो सभी सदस्यों के बीच साझा की जाती है।

मछली पालन के साथ-साथ डेम के किनारे सब्जी उत्पादन भी किया जा रहा है, जिससे समिति के सदस्यों को अतिरिक्त आय का जरिया मिला है। विभागीय सहयोग के बारे में जानकारी देते हुए अध्यक्ष ने बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा समिति को जाल, मछली बीज, आइस बॉक्स उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा बंद ऋतु के दौरान प्रत्येक सदस्य को विभाग से तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाती है।

अवलोकन के दौरान ग्राम सोगड़ा के निवासी ईश्वर राम के कार्यों की भी जानकारी (Pradhan Mantri Dhan Dhanya Krishi Yojana) दी गई। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अपनी निजी भूमि पर कुल 1.20 हेक्टेयर क्षेत्र में तालाब निर्माण कराया है। इसमें 0.80 और 0.40 हेक्टेयर के दो तालाब शामिल हैं।

मत्स्य विभाग द्वारा ईश्वर राम को तालाब निर्माण के लिए 5.04 लाख रुपये की अनुदान राशि तथा 2.88 लाख रुपये की मत्स्य आहार (इनपुट्स) सहायता प्रदान की गई। इन तालाबों में मछली पालन कर वे सालाना करीब पांच लाख रुपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, ईश्वर राम ने तालाब में मछली पालन के साथ-साथ बत्तख और सूकर पालन भी शुरू (Pradhan Mantri Dhan Dhanya Krishi Yojana) किया है, जिससे उनकी आय में और बढ़ोतरी हुई है। इस बहु-आय मॉडल से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है और वे अब आत्मनिर्भर किसान के रूप में सामने आए हैं।

एडिशनल सेंट्रल नोडल ऑफिसर बी.के. पुरूशटी ने समिति और किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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