Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin : 40 हजार से अधिक परिवारों का सपना होगा सकार, मिलेगा पक्का आशियाना

Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin

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आवासविहीन एवं कच्चे मकानों में निवासरत ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित, स्थायी एवं बुनियादी सुविधायुक्त पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin) के अंतर्गत राजनांदगांव जिले को विगत दो वर्षों में 40 हजार 454 आवास निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि के साथ महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 90 मानव-दिवस मजदूरी का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin) के अंतर्गत जिले में 30 हजार 766 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 23 हजार 294 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जो कुल स्वीकृत आवासों का 75.71 प्रतिशत है।

शेष 7 हजार 472 आवास वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9 हजार 688 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 हजार 26 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि प्रदाय की जा चुकी है।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले में समय-समय पर स्वीकृत आवासों का भूमि पूजन एवं पूर्ण हुए आवासों में हितग्राहियों की उपस्थिति में गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही नवाचार के तहत एक-दिवसीय विशेष अभियान चलाकर अप्रारंभ आवासों को प्रारंभ कराने तथा निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin) के अंतर्गत निर्मित आवासों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेन हार्वेस्टिंग के तहत सोख्ता गड्ढों का निर्माण भी कराया जा रहा है। उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले आवासों के हितग्राहियों एवं कम समय में आवास पूर्ण करने वाले लाभार्थियों को जिला एवं विकासखंड स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है।

हितग्राहियों के जीवन स्तर में समग्र सुधार एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र, बरगा द्वारा उन्हें कुशल श्रमिक के रूप में दक्ष बनाने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे आवास निर्माण के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल सके।

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