Police Commissionerate System : रायपुर के बाद अब प्रदेश के इन 2 जिलों में भी लागू होगी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली

Police Commissionerate System

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प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार पुलिसिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। राजधानी में लागू व्यवस्था के बाद अब बिलासपुर और दुर्ग में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली (Police Commissionerate System) लागू किए जाने के संकेत मिल गए हैं।

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने भिलाई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा करते हुए कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में आधुनिक पुलिसिंग की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है।

गृहमंत्री ने बताया कि बढ़ती आबादी, शहरी विस्तार और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए पारंपरिक पुलिस व्यवस्था में सुधार जरूरी हो गया है। ऐसे में नई पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था (Police Commissionerate System) लागू होने से पुलिस अधिकारियों को त्वरित निर्णय लेने के अधिकार मिलेंगे, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में गति आएगी।

पुलिस को मिलेंगे अधिक अधिकार

उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस अधिकारियों को मजिस्ट्रियल शक्तियां भी प्राप्त होंगी। इससे छोटे-छोटे प्रशासनिक मामलों में अलग से अनुमति लेने की प्रक्रिया समाप्त होगी और तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। सरकार का मानना है कि आधुनिक शहरी पुलिसिंग मॉडल (Police Commissionerate System) से अपराध नियंत्रण अधिक प्रभावी होगा और आम जनता को सुरक्षा का बेहतर अनुभव मिलेगा।

हालांकि गृहमंत्री ने इसकी लागू होने की निश्चित तिथि घोषित नहीं की, लेकिन इसे सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि जिन शहरों में जनसंख्या घनत्व और अपराध की चुनौती अधिक होगी, वहां चरणबद्ध तरीके से यह प्रणाली लागू की जाएगी।

शहरी सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि बिलासपुर और दुर्ग जैसे तेजी से विकसित होते शहरों में ट्रैफिक प्रबंधन, साइबर अपराध, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तेज निर्णय आवश्यक होते हैं। ऐसे में पुलिस कमिश्नरी मॉडल (Police Commissionerate System) लागू होने से प्रशासनिक समन्वय मजबूत होगा और पुलिस की जवाबदेही भी बढ़ेगी।

राज्य सरकार का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि नागरिकों को त्वरित सेवा उपलब्ध कराना भी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद परमिशन, सुरक्षा प्रबंधन और आपातकालीन निर्णयों में समय की बचत होगी।

भिलाई में तीरंदाजी का राष्ट्रीय आयोजन शुरू

इसी अवसर पर भिलाई में छत्तीसगढ़ पुलिस की मेजबानी में 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ भी हुआ। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में देशभर के राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और पुलिस की 54 विंगों से कुल 29 टीमें भाग ले रही हैं।

आयोजन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई प्रथम वाहिनी के कमांडेंट सदानंद कुमार को सौंपी गई है। उद्घाटन समारोह में गृहमंत्री विजय शर्मा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल गतिविधियां पुलिस बल की शारीरिक क्षमता और मानसिक संतुलन को मजबूत बनाती हैं।

उन्होंने कहा कि खेलों से अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है, जो पुलिस सेवा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतियोगिता के माध्यम से विभिन्न राज्यों के पुलिसकर्मियों के बीच अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलेगा।

चरणबद्ध विस्तार की तैयारी

सरकार भविष्य में अन्य बड़े शहरों में भी पुलिस सुधार योजना (Police Commissionerate System) लागू करने की संभावना पर विचार कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे राज्य में कानून-व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी होगी और अपराधों पर त्वरित नियंत्रण संभव होगा।

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