PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana : 3 किलोवाट तक सोलर रूफटॉप में बैटरी की जरूरत नहीं, रखरखाव आसान, हजारों उपभोक्ताओं का बिजली बिल हुआ शून्य
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana
रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगाए जा रहे सोलर रूफटॉप संयंत्रों को लेकर फैली भ्रांतियों को स्पष्ट (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) किया है। कंपनी के अनुसार, 3 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप संयंत्रों में बैटरी की कोई आवश्यकता नहीं होती, जिससे रख-रखाव का खर्च न के बराबर रहता है और उपभोक्ताओं को वास्तविक रूप से लाभ मिल रहा है।
3 किलोवाट तक ऑन-ग्रिड सिस्टम, बैटरी का झंझट नहीं
विशेषज्ञों के मुताबिक, पीएम सूर्यघर योजना में 3 किलोवाट तक के संयंत्र ऑन-ग्रिड सिस्टम पर आधारित हैं। इसका सीधा अर्थ है कि इनमें बैटरी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे में बैटरी खराब होने, बदलने या उसके रख-रखाव का सवाल ही नहीं उठता। इसी कारण हजारों उपभोक्ता इस योजना के माध्यम से 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली प्राप्त कर अपना मासिक बिजली बिल शून्य करने में सफल हो चुके हैं।
ज्यादा क्षमता पर भी सुरक्षित और वारंटी वाली बैटरी
यदि कोई उपभोक्ता 3 किलोवाट से अधिक क्षमता या हाइब्रिड सिस्टम का विकल्प चुनता है, तो आधुनिक लिथियम-आयन बैटरियां उपलब्ध कराई जाती हैं। इन बैटरियों का चार्ज-डिस्चार्ज साइकिल करीब 6,000 तक होता है और कंपनियां इन पर 5 से 10 वर्ष तक की लंबी वारंटी (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) दे रही हैं। इसके अलावा, योजना के तहत वेंडर को 5 वर्ष तक वार्षिक रख-रखाव अनुबंध (AMC) देना अनिवार्य है, जिससे उपभोक्ता पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं आता।
रख-रखाव को लेकर भ्रम पूरी तरह गलत
कुछ जगहों पर यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि सोलर रूफटॉप से जितनी बचत होती है, उससे ज्यादा खर्च रख-रखाव में हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के अनुसार यह धारणा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। सोलर पैनल की सफाई के लिए किसी विशेष तकनीक या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती। सामान्य धूल जमने की स्थिति में साधारण पानी से सफाई पर्याप्त होती है।
नई योजना, पुराने उदाहरणों से तुलना गलत
कंपनी ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग वर्ष 2019 के पुराने उदाहरणों का हवाला देकर मौजूदा योजना पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को 13 फरवरी 2024 से नए और कड़े तकनीकी मानकों के साथ लागू (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana)किया गया है। पुराने और अप्रचलित अनुभवों के आधार पर वर्तमान योजना की गुणवत्ता पर संदेह करना अनुचित है।
सब्सिडी और सस्ता ऋण बना रहे योजना को किफायती
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी तथा बैंकों से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध ऋण के चलते सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाना अब पहले से कहीं अधिक किफायती हो गया है। यही वजह है कि प्रदेश में तेजी से लोग इस योजना से जुड़ रहे हैं और स्वच्छ ऊर्जा के साथ आर्थिक बचत का लाभ उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना न केवल उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल का लाभ दे रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, कम खर्च और आसान रख-रखाव के साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का भी भरोसेमंद समाधान बनकर उभर रही है।
