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Petrol Diesel Price : मिडल-ईस्ट तनाव के बीच राहत, फिलहाल महंगा नहीं होगा पेट्रोल-डीजल, 25 दिन का तेल भंडार सुरक्षित

मिडल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट की आशंका के बावजूद भारत के लिए फिलहाल स्थिति नियंत्रण (Petrol Diesel Price) में बताई जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार देश के पास करीब 25 दिनों का कच्चे तेल (Crude Oil) और रिफाइंड फ्यूल का स्टॉक उपलब्ध है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है।

https://youtu.be/ZcnF5-ZJ3CM

20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है होर्मुज से

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ईरान द्वारा इसे बंद करने की चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल (Petrol Diesel Price) देखी गई है, लेकिन भारत ने वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तैयारी शुरू कर दी है।

भारत की आयात निर्भरता कितनी?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में रूस, सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर भारत अन्य उत्पादक देशों से भी आयात कर सकता है।

सरकार की रणनीति क्या है?

वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश

रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व का उपयोग

एलपीजी और एलएनजी के आयात में विविधता

https://youtu.be/jkphJN_HlQY

घरेलू बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखना

सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर (Petrol Diesel Price) रहेंगी। सरकार बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लेने की तैयारी में है।

मिडल-ईस्ट में भू-राजनीतिक संकट का असर वैश्विक तेल बाजार पर जरूर पड़ा है, लेकिन भारत के पास पर्याप्त भंडार और विविध आयात स्रोत होने से फिलहाल आम उपभोक्ताओं को राहत मिलती दिखाई दे रही है।

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