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Patanjali GST Penalty : पतंजलि को हाईकोर्ट से बड़ा झटका…273.5 करोड़ GST पेनाल्टी की राह अब साफ…!

देहरादून/प्रयागराज, 3 जून। Patanjali GST Penalty : योग और आयुर्वेद की दुनिया में बड़ा नाम कमा चुकी पतंजलि आयुर्वेद कंपनी को अब कानूनी मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कंपनी पर लगे 273.5 करोड़ रुपये की केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) की पेनाल्टी की वसूली प्रक्रिया को वैध ठहराया है।

कोर्ट ने खारिज की पतंजलि की याचिका

पतंजलि की ओर से दाखिल याचिका में यह दावा किया गया था कि अगर जीएसटी चोरी मामले में मुख्य अभियोजन (Section 74) खत्म हो चुका है, तो पेनाल्टी (Section 122) की प्रक्रिया भी समाप्त मानी जाए। लेकिन न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ व न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित की खंडपीठ ने इस तर्क को ‘भ्रामक’ करार देते (Patanjali GST Penalty)हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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कौन-कौन सी यूनिट्स जांच के घेरे में?

सीजीएसटी विभाग की नजर पतंजलि की तीन मुख्य यूनिट्स पर है:

हरिद्वार (उत्तराखंड)

सोनीपत (हरियाणा)

अहमदनगर (महाराष्ट्र)

इन इकाइयों में अप्रैल 2018 से मार्च 2022 के बीच इनवॉइसिंग में अनियमितताएं, टैक्स चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दुरुपयोग के आरोप (Patanjali GST Penalty)हैं।

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उत्तराखंड के लिए क्या मायने?

हरिद्वार में स्थित पतंजलि का मुख्यालय राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार का एक प्रमुख स्रोत है। इस पेनाल्टी वसूली से उत्तराखंड की औद्योगिक छवि पर असर पड़ सकता है और सरकार की जवाबदेही भी बढ़ेगी कि वह टैक्स अनुपालन को लेकर कितनी गंभीर है।

अब आगे क्या?

सीजीएसटी अधिकारी अब पतंजलि से विधिवत पेनाल्टी वसूली की प्रक्रिया आगे (Patanjali GST Penalty)बढ़ाएंगे।

भविष्य में कंपनी पर धारा-132 से 138 के तहत आपराधिक अभियोजन की कार्रवाई भी हो सकती है, जो जेल तक पहुंच सकती है।

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