Pariksha Pe Charcha 2026 : अभिभावकों की भागीदारी में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे नंबर पर

Pariksha Pe Charcha 2026

Pariksha Pe Charcha 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी संवाद कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha 2026) के लिए देशभर से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों से ऑनलाइन प्रश्न आमंत्रित किए गए हैं। इस राष्ट्रीय पहल में छत्तीसगढ़ के अभिभावकों ने जागरूकता और सक्रिय सहभागिता का परिचय देते हुए राज्य को देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है।

एक जनवरी 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश 59,944 पंजीकरण के साथ पहले स्थान पर है, जबकि छत्तीसगढ़ 51,361 पंजीकरण के साथ अभिभावकों की सहभागिता में देश में दूसरे स्थान पर रहा है।

इसके बाद पंजाब 38,211 पंजीकरण के साथ तीसरे स्थान पर है। गुजरात, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र भी इस सूची में शामिल हैं। कुल मिलाकर देशभर से 3.88 लाख से अधिक अभिभावकों ने परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha 2026) के लिए पंजीकरण कराया है, जो इस कार्यक्रम के प्रति पालकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ की सहभागिता बनी मिसाल

समग्र शिक्षा के उप संचालक डॉ. एम. सुधीश ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से आयोजित किए जा रहे परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha 2026) कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। स्कूल शिक्षा विभाग को राज्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से व्यापक समर्थन मिल रहा है। कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के छात्र, शिक्षक और पालक परीक्षा से जुड़े प्रश्न सीधे प्रधानमंत्री से पोर्टल के माध्यम से पूछ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के आठवें संस्करण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में 22.13 लाख प्रश्न भेजकर पहला स्थान हासिल किया था। वहीं नौवें संस्करण के लिए राज्य को 30.73 लाख प्रश्नों का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें से अब तक करीब 20 लाख प्रश्न अपलोड किए जा चुके हैं। प्रश्न भेजने की अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 निर्धारित है, जिसके तहत छात्र, शिक्षक और अभिभावक अभी भी परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha 2026) से जुड़ सकते हैं।

अंगना म शिक्षा पहल से बढ़ी अभिभावकों की भूमिका

इस वर्ष अभिभावकों की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है। महिला शिक्षिकाओं द्वारा संचालित अंगना म शिक्षा कार्यक्रम के कोर ग्रुप की सक्रिय भूमिका से माताओं और अभिभावकों की भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इस पहल ने शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha 2026) को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाई है।

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