Pangolin Scale Smuggling : झारखंड से पेंगोलिन शल्क की तस्करी, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

Pangolin Scale Smuggling

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वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो से प्राप्त सूचना के आधार पर बलरामपुर वनमंडल के कुसमी वन परिक्षेत्र में बड़ी (Pangolin Scale Smuggling) कार्रवाई की गई है। ग्राम कोरंधा में संयुक्त टीम ने पेंगोलिन के प्रतिबंधित शल्क की तस्करी करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से करीब तीन किलो पेंगोलिन शल्क बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग नौ लाख रुपये बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो को सूचना मिली थी कि झारखंड से दो व्यक्ति पेंगोलिन का शल्क लेकर छत्तीसगढ़ में बिक्री के उद्देश्य से आ रहे हैं।

सूचना की पुष्टि के बाद बलरामपुर वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र कुसमी की टीम ने मंगलवार दोपहर ग्राम कोरंधा में घेराबंदी की। इस दौरान एक यात्री बस को रोका गया और संदेह के आधार पर दो व्यक्तियों को बस से उतारकर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान आरोपितों के पास मौजूद थैले से पॉलिथीन में रखा तीन किलो पेंगोलिन शल्क बरामद किया गया। आरोपित इस संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान महेन्द्र राम (48 वर्ष), निवासी श्रीकोट, थाना कोरंधा, कुसमी तथा अमित कुमार (33 वर्ष), निवासी ग्राम गारू, थाना एवं तहसील गारू, जिला लातेहार (झारखंड) के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे यह शल्क राजू उरांव, निवासी ग्राम दलदलिया, थाना गारू, जिला लातेहार (झारखंड) से लेकर छत्तीसगढ़ में बेचने जा रहे थे। वन विभाग ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

तीन लाख रुपये प्रति किलो बताई गई कीमत

पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि पेंगोलिन शल्क की कीमत लगभग तीन लाख रुपये प्रति किलो होती है। इसका उपयोग बुलेटप्रूफ सामग्री, नशीली दवाओं और औषधीय उत्पादों में किया जाता है। पेंगोलिन एक दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव है, जिसकी तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध है।

पहले भी जेल जा चुका है एक आरोपित

वन विभाग के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित अमित कुमार पूर्व में भी झारखंड में इसी तरह के मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। जेल से रिहा होने के बाद उसने दोबारा प्रतिबंधित वन्यजीव अवशेषों की तस्करी शुरू कर दी। आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

यह कार्रवाई एसडीओ रविशंकर श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में तथा प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक एवं वर्तमान वन परिक्षेत्र अधिकारी कुसमी मणिकांत वर्मा के नेतृत्व में की गई। वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।