दुनिया

Pakistan Afghanistan Conflict : पाकिस्तान की बमबारी के बाद अफगान पलटवार का दावा, इस्लामाबाद एयरपोर्ट समेत कई ठिकानों पर ड्रोन हमले से बढ़ा तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब खुले सैन्य टकराव की शक्ल लेता (Pakistan Afghanistan Conflict) दिख रहा है। पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए जाने के बाद अफगान पक्ष ने जोरदार जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ सीमा पर हालात बिगाड़े हैं, बल्कि पाकिस्तान के भीतर भी सुरक्षा ढांचे को अलर्ट मोड में ला दिया है। अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार, पकटिया और पकटिका जैसे इलाकों को निशाना बनाया, जबकि जवाब में इस्लामाबाद, पेशावर और कोहाट से जुड़े सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए।

इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर हमले के दावे से मचा हड़कंप

तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब अफगान पक्ष की ओर से यह दावा किया गया कि इस्लामाबाद एयरपोर्ट को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। कहा गया कि इस हमले के बाद एयरपोर्ट इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत सक्रिय होना पड़ा। साथ ही, यह भी दावा किया गया कि कुछ समय के लिए उड़ानों की आवाजाही पर असर पड़ा। हमले को सिर्फ प्रतीकात्मक जवाब नहीं, बल्कि पाकिस्तान को सीधा संदेश देने वाली कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अफगान दावे में यह भी कहा गया कि राजधानी के आसपास मौजूद कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों को भी टारगेट किया गया।

पेशावर और कोहाट तक पहुंचा जवाबी वार

अफगान पक्ष ने यह भी दावा किया है कि जवाबी कार्रवाई सिर्फ इस्लामाबाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि पेशावर और कोहाट क्षेत्र में मौजूद सैन्य ठिकानों को भी निशाना (Pakistan Afghanistan Conflict) बनाया गया। कोहाट सेंट्रल कमांड और ब्रिगेड कैंप से जुड़े इलाकों का नाम सामने आया है। इन दावों में कहा गया कि ड्रोन हमलों से पाकिस्तानी सेना को नुकसान हुआ और कई पोस्ट प्रभावित हुईं। हालांकि, इस तरह के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आसान नहीं है, लेकिन इतना साफ है कि इस पूरे संघर्ष ने पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र पर दबाव बढ़ा दिया है और सीमित सीमा संघर्ष अब गहरे सैन्य तनाव में बदलता दिख रहा है।

कंधार और काबुल में हमलों के बाद भड़का गुस्सा

अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तान की कार्रवाई को लेकर गुस्सा साफ नजर आ रहा है। दावा किया गया है कि कंधार एयरपोर्ट के पास और अन्य संवेदनशील इलाकों में हुए हमलों से न सिर्फ ढांचागत नुकसान हुआ, बल्कि नागरिक आबादी भी प्रभावित हुई। अफगान पक्ष इस कार्रवाई को संप्रभुता पर हमला बता रहा है। यही वजह है कि जवाबी हमलों को सिर्फ सैन्य प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक संदेश के तौर पर भी पेश किया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे अविश्वास को और ज्यादा गहरा कर दिया है।

आम नागरिकों पर सबसे ज्यादा असर

इस संघर्ष की सबसे दर्दनाक तस्वीर आम लोगों से जुड़ी हुई है। सीमा पार हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच नागरिक इलाकों में भय और असुरक्षा का माहौल (Pakistan Afghanistan Conflict) बन गया है। कई परिवारों के घर तबाह होने, लोगों के घायल होने और बच्चों तक के प्रभावित होने के दावे सामने आए हैं। जब भी दो देशों के बीच इस तरह का सैन्य तनाव बढ़ता है, उसकी पहली और सबसे बड़ी कीमत आम नागरिक ही चुकाते हैं। फिलहाल दोनों तरफ माहौल बेहद तनावपूर्ण है और हालात किस दिशा में जाएंगे, यह आने वाले कदमों पर निर्भर करेगा।

दक्षिण एशिया में नई अस्थिरता का संकेत

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह ताजा टकराव सिर्फ दो देशों की सीमा तक सीमित मामला नहीं माना जा रहा। अगर जवाबी कार्रवाई और पलटवार का यह सिलसिला जारी रहता है, तो इसका असर पूरे दक्षिण एशियाई सुरक्षा समीकरण पर पड़ सकता है। इस तनाव ने साफ कर दिया है कि क्षेत्र में अस्थिरता की एक नई लकीर खिंच चुकी है। अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों पक्ष यहां से पीछे हटेंगे या आने वाले दिनों में यह संघर्ष और ज्यादा खतरनाक रूप ले लेगा।

Related Articles

Back to top button