Pahalgam Part-2 in Kashmir: कश्मीर से 370 के खात्मे और वहां शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव हो जाने के बावजूद आतंकी घटनाएं खत्म नहीं हुई हैं। केंद्रीय सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते आतंकी घटनाओं में भले ही कमी आई है, लेकिन अभी भी वहां पाकिस्तान समर्थक आतंकवादी बचे हुए हैं, जो रह-रहकर आतंकी घटना को अंजाम देते रहते हैं। पहलगाम में 26 हिंदुओं की पहचान पूछकर की गई नृशंस हत्या की तरह एक बार फिर कश्मीर के कुलगाम जिले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी श्रमिकों की उनका नाम पूछकर जघन्य हत्या कर दी गई।
ऐसा लगता है कि भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर चलाए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने उससे कोई सबक नहीं सीखा है। यही वजह है कि पाकिस्तान के इशारे पर आतंकवादियों ने कश्मीर में एक बार फिर ‘पहलगाम 2 को अंजाम देने का दुस्साहस दिखाया है। अब भारत को चाहिए कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को पूरी ताकत के साथ बेनकाब करे और कश्मीर में सुरक्षा के इंतजाम और कड़े करे।
जो मु_ी भर आतंकवादी कश्मीर में रह गए हैं, उनके खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जाए और चुन-चुनकर उन्हें जहन्नुम रसीद किया जाए। इसके साथ ही इन आतंकवादियों के समर्थक अलगाववादियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, जिन्हें कश्मीर में जम्हूरियत की वापसी और वहां का विकास रास नहीं आ रहा है। वे कश्मीर में अशांति फैलाना चाहते हैं ताकि पाकिस्तान विश्व मंच पर कश्मीर पर बेसुरा राग अलापता रहे।
अब समय आ गया है कि पाक की इन नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए और इसके लिए जरूरत पडऩे पर पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर पार्ट 2Ó फौरन शुरू किया जाए। पाकिस्तान लातों का भूत है, वह बातों से नहीं मानेगा और न ही आसानी से अपने नापाक इरादों से तौबा करेगा। उसके खिलाफ बड़ी और कड़ी कार्रवाई निहायत जरूरी है।
