Repair of roads and bridges; इस साल मानसून छत्तीसगढ़ में राहत के साथ ही आफत भी लेकर आया। कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गये जिसके चलते आवागमन बाधित होता रहा। बड़ी संख्या में सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरी नाराजगी दिखाई थी और कहा था कि जर्जर हो चुकी सड़कों के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है
इसलिए उन्होंने सड़कों और पुलों को सुधारने के कड़े निर्देश दिये थे इसके बाद उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने भी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल जर्जर सड़कों और क्षतिग्रस्त पुलों को दुरूस्त करने के निर्देश दिये हैं और इसके लिए 15 अक्टूबर की डेड लाइन तय कर दी है। इस कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखने और समय बद्धता पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के कड़े निर्देश के बाद अब प्रशासन क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों को दुरूस्त करने की कवायद में जुट गया है।
इसके लिए संबंधित विभागों के कार्यपालन यंत्रिओं को दो तीन दिनों के भीतर ही अपने अपने कार्यक्षेत्र का भ्रमण करके सड़कों (Repair of roads and bridges) व पुलों की स्थिति को जांचने के आदेश दिये गये हैं और इसके बाद तत्काल काम शुरू करने के लिए कहा गया है। उम्मीद की जानी चाहिए कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़कों और पुलों का कायाकल्प हो जाएगा।
