Paddy Procurement Irregularities : धान परिवहन में बड़ी गड़बड़ी उजागर, 6 राइस मिलों और 7 समिति प्रबंधकों को नोटिस
Paddy Procurement Irregularities
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के दौरान धान उठाव और परिवहन व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं का मामला (Paddy Procurement Irregularities) सामने आया है। जिले के कई धान उपार्जन केंद्रों से राइस मिलों तक किए जा रहे परिवहन में तय मानकों से कहीं अधिक ओवरलोड वाहनों के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने 6 राइस मिलर्स और 7 समिति प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
प्रशासन को यह जानकारी सर्तक ऐप के माध्यम से मिले अलर्ट के बाद सामने आई, जिसके आधार पर विभागीय जांच शुरू की गई। जांच में पाया गया कि कुछ मिलर्स द्वारा धान परिवहन में लगे वाहनों को 200 प्रतिशत से अधिक ओवरलोड किया जा रहा था, जो स्पष्ट रूप से छत्तीसगढ़ धान उपार्जन नीति का उल्लंघन है।
इन राइस मिलों को जारी किया गया नोटिस
खाद्य विभाग द्वारा जिन राइस मिलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनमें
मेसर्स जय शंकर इंडस्ट्रीज
किशन एग्रो इंडस्ट्रीज
मां गायत्री इंडस्ट्रीज
ग्रीन एग्री कॉर्पो प्राइवेट लिमिटेड
छापरियां एग्रो इंडस्ट्रीज
गुरूनानक राइस मिल
शामिल हैं। इन मिलर्स पर धान उठाव के दौरान ओवरलोड वाहनों के उपयोग का आरोप है।
समिति प्रबंधकों की भी जिम्मेदारी तय
जिन उपार्जन केंद्रों के समिति प्रबंधक और अध्यक्षों को नोटिस दिया गया है, उनमें टण्डवा, नरदाह, पटेवा, भैंसा, कोसरंगी, सिवनी और बिलाड़ी (Paddy Procurement Irregularities) शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने मिलर्स के ओवरलोड वाहनों को धान परिवहन की अनुमति दी।
धान खरीदी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी
सीसीटीवी और ऐप आधारित निगरानी में यह भी सामने आया कि कई उपार्जन केंद्रों—सेजा, सिवनी, फरहदा, लखौली, टाटीबंध, कुंरा, गनौद, बरतोरी, खौली, देवरी और तामासिवनी—में किसानों के प्लास्टिक बोरे से सीधे समिति के जूट बोरे में धान पलटा जा रहा था।
जबकि नियमों के अनुसार पहले धान को ढेरी बनाकर एफएक्यू (FAQ) गुणवत्ता मानकों की जांच की जानी चाहिए और गुणवत्ता उपयुक्त पाए जाने पर ही जूट बोरी में भरकर वजन किया जाना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया के उल्लंघन को भी गंभीर माना गया है।
प्रशासन की कड़ी निगरानी
अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में धान खरीदी और उठाव की पूरी प्रक्रिया पर डिजिटल निगरानी रखी (Paddy Procurement Irregularities) जा रही है। सर्तक ऐप, जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग और संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
