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Ola Electric Scooter Complaint : ओला शो-रूम पर उपभोक्ता आयोग सख्त, स्कूटी सुधारकर लौटाने या कीमत चुकाने का आदेश

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार ने ओला इलेक्ट्रिक बाइक शो-रूम को सेवा में कमी का दोषी मानते (Ola Electric Scooter Complaint) हुए उपभोक्ता के वाहन की मरम्मत कर संतोषजनक स्थिति में लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में स्कूटी ठीक कर वापस नहीं की जाती है, तो उपभोक्ता को वाहन का वर्तमान बाजार मूल्य भुगतान करना होगा।

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मामले के अनुसार, बलौदाबाजार निवासी घनेश्वर साहू ने अक्टूबर 2023 में लवन रोड स्थित ओला इलेक्ट्रिक शो-रूम से एचडीएफसी बैंक के माध्यम से फाइनेंस पर स्कूटी खरीदी थी। कुछ महीनों बाद अप्रैल 2024 में वाहन में स्टार्टिंग की समस्या आने लगी, जिसे शो-रूम द्वारा ठीक किया गया। हालांकि, इसके बाद भी स्कूटी में लगातार तकनीकी खराबी आती रही और अगस्त 2024 में वाहन पूरी तरह बंद हो गया।

उपभोक्ता द्वारा स्कूटी को मरम्मत के लिए शो-रूम में जमा कराया गया, लेकिन लंबे समय तक वाहन को ठीक कर वापस नहीं किया गया। शो-रूम द्वारा वाहन को कभी रायपुर तो कभी अन्य स्थान भेजने की बात कहते हुए मरम्मत (Ola Electric Scooter Complaint) में देरी की जाती रही। इससे परेशान होकर उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष छमेश्वर लाल पटेल और सदस्य हरजीत सिंह चांवला तथा शारदा सोनी ने प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों का परीक्षण किया। आयोग ने पाया कि शो-रूम द्वारा सेवा में स्पष्ट रूप से कमी बरती गई है, जिससे उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

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आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि शो-रूम 45 दिनों के भीतर स्कूटी की पूर्ण मरम्मत कर उपभोक्ता को संतुष्टिपूर्वक सौंपे। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो वाहन का वर्तमान मूल्य निर्धारित समय सीमा में उपभोक्ता को भुगतान करना होगा। इसके साथ ही मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए 7,000 रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 3,000 रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का भी निर्देश दिया गया है।

यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना (Ola Electric Scooter Complaint) जा रहा है और यह स्पष्ट संदेश देता है कि सेवा में लापरवाही करने वाले संस्थानों के खिलाफ उपभोक्ता आयोग सख्त कार्रवाई कर सकता है।

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