संपादकीय: पाकिस्तान के साथ अब बांग्लादेश की बारी

Now it is Bangladesh’s turn along with Pakistan: भारत ने पहले पाकिस्तान को सबक सिखाया है और अब उसने बंग्लादेश को भी सबक सिखाने की तैयारी शुरू कर दी है। बांग्लादेश में जिस तरह भारत विरोधी कार्यवाही हो रही है। उसे देखते हुए बांग्लादेश की भी बारी आनी ही थी। इस क्रम में भारत ने बांग्लादेश से आयात होने वाले समानों पर सीमित बंदरगाह प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है। यह बांग्लादेश के खिलाफ एक बड़ी आर्थिक स्ट्राइक है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश से रेडीमेड गारमेंटस और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों सहित कई सामान भारत होकर ही दुनिया के कई देशों में निर्यात होते थे। अब भारत ने बांग्लादेश को सबक सिखाने के लिए लैंडपोर्ट से एंट्री पर बैन लगा दिया है। अब बांग्लादेश असम, मेघालय, तिरपुरा, मिजोरम और बंगाल के किसी भी लैंड कस्टम स्टेशन से अपने सामानों का निर्यात नहीं कर पाएगा। वह सिर्फ कलकत्ता के बंदरगाहों से ही अपने उत्पाद का निर्यात कर सकेगा।
निश्चित रूप से लैंडपोर्ट से एंट्री पर बैन लगाकर भारत ने बांग्लादेश को करारा झटका दिया है। अब उसके लिए अपने उत्पाद खासतौर पर रेडिमेड गारमेंट का दुनिया भर में निर्यात करना कठिन हो जाएगा और यह उसे काफी महंगा पड़ेगा। गौरतलब है कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था वहां की काटन इंडस्ट्रीज पर ही टिकी हुई है। बांग्लादेश सरकार को वस्त्र व्यवसाय से ही 80 प्रतिशत आय होती है।
भारत के इस कदम से बांग्लादेश की काटन इंडस्ट्रीज पर संकट के बादल मंडराने लगेंगे और बांग्लादेश भी बहुत जल्द पाकिस्तान की तरह ही भुखमरी का शिकार बन जाएगा। दरअसल, बांग्लादेश के केयर टेकर प्रधानमंत्री मोहम्मद युनूस ने भारत विरोधी रवैया अख्तियार करके खुद ही आ बैल मुझे मार वाली कहावत चरितार्थ कर ली है। नतीजतन, भारत ने अब मोहम्मद युनूस के नटबोल्ट टाइट करने का फैसला ले लिया है, जिसका बांग्लादेश को निकट भविष्य में खामियाजा भुगतना पड़ेगा।



