Nohleshwar Mahotsav : आस्था और संस्कृति के संगम पर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री, नोहटा में सजेगा विशेष धार्मिक दृश्य

दमोह जिले के नोहटा में स्थित ऐतिहासिक नोहलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित दस दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव में शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल (Nohleshwar Mahotsav) होंगे। यह आयोजन संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपने दौरे के दौरान छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित गरीब परिवारों की कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में भी सहभागिता करेंगे। इसे सामाजिक समरसता और जनकल्याण से जुड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

नोहलेश्वर मंदिर का गौरवशाली इतिहास

नोहटा में स्थित नोहलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन माना जाता है। यह मंदिर कलचुरी कालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण 10वीं–11वीं शताब्दी के आसपास हुआ बताया जाता है। मंदिर के अलंकृत स्तंभ, विशाल गर्भगृह और सूक्ष्म शिल्पकला आज भी उस युग की समृद्ध सांस्कृतिक चेतना को जीवंत करती है।

पुरातत्वविदों के अनुसार नोहलेश्वर मंदिर मध्य भारत के प्रमुख शिव मंदिरों में गिना (Nohleshwar Mahotsav) जाता है। सदियों से यह स्थल न केवल आस्था का केंद्र रहा है, बल्कि ऐतिहासिक और पर्यटन दृष्टि से भी इसकी विशिष्ट पहचान बनी हुई है।

महोत्सव में संस्कृति की जीवंत झलक

नोहलेश्वर महोत्सव के दौरान देशभर से आए ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक संध्याओं के साथ-साथ कार्यशालाएं, महिला सम्मेलन, किसान गोष्ठियां और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

महोत्सव का उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान (Nohleshwar Mahotsav) दिलाना है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, और मुख्यमंत्री की उपस्थिति से इस उत्सव को और अधिक गरिमा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Exit mobile version