Niyad Nellanar Yojana : नियद नेल्लानार योजना से पूवर्ती में आजीविका का विस्तार, ग्रामीण बने आत्मनिर्भर

Niyad Nellanar Yojana

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिला प्रशासन द्वारा सुदूर और संवेदनशील इलाकों में ग्रामीणों की आजीविका को सुदृढ़ करने तथा गांवों के समग्र विकास की दिशा में लगातार ठोस पहल की जा रही है।

इसी क्रम में कोंटा विकासखंड के ग्राम पूवर्ती में नियद नेल्लानार योजना (Niyad Nellanar Yojana) के तहत ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिससे गांव की आर्थिक तस्वीर में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है।

पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम पूवर्ती के ग्रामीण परिवारों को आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से 50 यूनिट उन्नत नस्ल के मुर्गी चूजों का निःशुल्क वितरण किया गया। यह पहल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है,

जिनके पास सीमित संसाधन हैं और जो कम लागत में आय के स्थायी साधन की तलाश में थे। प्रशासन का मानना है कि पोल्ट्री पालन (Poultry Farming) कम निवेश में शीघ्र लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिससे ग्रामीण परिवार अल्प समय में नियमित आमदनी अर्जित कर सकते हैं।

ग्रामीणों को मुर्गी पालन से जोड़कर पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। योजना के तहत न केवल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, बल्कि उन्हें इस व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ सकें।

ग्राम पूवर्ती के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत बताया। ग्रामीणों का कहना है कि कुकुट पालन से उन्हें रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और गांव में उत्साह व आत्मविश्वास का माहौल बना है। इस पहल से यह स्पष्ट है कि ग्रामीण आजीविका (Rural Livelihood) को मजबूत करने के लिए नियद नेल्लानार योजना एक प्रभावी माध्यम बन रही है।

सुकमा जिला प्रशासन ने कहा है कि ग्रामीणों को रोजगार और व्यवसाय से जोड़ने के लिए शासन की अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं से भी उन्हें निरंतर लाभान्वित किया जाएगा। आने वाले समय में ऐसे और प्रयास किए जाएंगे, ताकि सुदूर क्षेत्रों के गांव आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें और ग्रामीणों की जीवनशैली में स्थायी सुधार हो सके।