Nimesulide 100mg Ban India : 100 एमजी से अधिक निमेसुलाइड दवा पर केंद्र ने लगाया प्रतिबंध, जानें वजह
Nimesulide 100mg Ban India
केंद्र सरकार ने लोकप्रिय दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड (Nimesulide 100mg Ban India) की 100 मिलीग्राम से अधिक मात्रा वाली गोलियों के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कदम मानव स्वास्थ्य पर संभावित गंभीर जोखिमों को देखते हुए उठाया है। यह प्रतिबंध सोमवार, 1 फरवरी 2026 से लागू हो गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, भारत की शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) ने 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड युक्त दवाओं के जोखिमों पर चेतावनी दी थी। मंत्रालय ने कहा कि उच्च खुराक वाली निमेसुलाइड दवा मानव उपयोग के लिए जोखिम भरी हो सकती है।
इसी कारण औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत और औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड से परामर्श के बाद सरकार ने तुरंत प्रभाव से यह प्रतिबंध लगाया।
लिवर को नुकसान का खतरा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है। यह दर्द और सूजन कम करती है, लेकिन अधिक खुराक लेने पर लीवर खराब होने का गंभीर खतरा होता है। इसलिए उच्च मात्रा वाली गोलियों का उपयोग मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।
बाजार से वापस मंगाई जाएगी दवा
इस प्रतिबंध का असर केवल 100 मिलीग्राम और उससे अधिक खुराक वाली गोलियों पर होगा। कम मात्रा वाली दवाएं बाजार में उपलब्ध रहेंगी। सभी दवा कंपनियों को अब उच्च खुराक वाली निमेसुलाइड दवाओं का उत्पादन बंद करना होगा। इसके अलावा, पहले से बाजार में मौजूद ऐसी दवाएं वापस मंगाई जाएंगी।
मरीजों को वैकल्पिक दवा दी जाएगी
इस प्रतिबंध से कुछ बड़ी कंपनियों की दर्द निवारक दवाएं दवा दुकानों से हट सकती हैं। मरीजों को अब डॉक्टर की सलाह से वैकल्पिक पेनकिलर दी जाएगी। विशेषज्ञों ने कहा कि बिना चिकित्सक के मार्गदर्शन के दवा लेना अब मुश्किल होगा, जिससे दवा का गलत और खतरनाक उपयोग रोका जा सकेगा।
केंद्र सरकार ने 100 मिलीग्राम से अधिक खुराक वाली निमेसुलाइड दवाओं पर उत्पादन, बिक्री और वितरण का प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम मानव स्वास्थ्य पर गंभीर जोखिमों को देखते हुए उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि उच्च खुराक से लीवर खराब होने का खतरा रहता है। कम खुराक वाली दवाएं जारी रहेंगी, जबकि उच्च खुराक वाली दवाएं बाजार से वापस मंगाई जाएंगी। मरीजों को वैकल्पिक पेनकिलर डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी।
