NHAI Chhattisgarh Mega Project 2026 : 3,147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट पर काम शुरू, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर को मिलेगी नई रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती के अवसर पर रखी गई आधारशिला अब धरातल पर उतर (NHAI Chhattisgarh Mega Project 2026) आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़/झारखंड सीमा (NH-43) तक ₹3,147 करोड़ की लागत वाली मेगा परियोजना का निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर शुरू कर दिया है। यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

उल्लेखनीय है कि 627 किलोमीटर लंबे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे विशाल और महत्वपूर्ण हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य से होकर गुजरता है। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई का लगभग 384 किलोमीटर हिस्सा इसी राज्य में स्थित है। वर्तमान में, 104.250 किलोमीटर लंबे पत्थलगांव-झारखंड सीमा खंड पर निर्माण कार्य ने तीव्र गति पकड़ ली है, जो इस कॉरिडोर की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस मार्ग को बाधा-रहित (Hassle-free) और सुरक्षित बनाने के लिए कुल 382 छोटी-बड़ी संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें 07 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 06 फ्लाईओवर और 01 एलीवेटेड वायडक्ट स्ट्रक्चर (NHAI Chhattisgarh Mega Project 2026) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, स्थानीय यातायात और वन्यजीवों की सुविधा के लिए 10 वेहिकुलर अंडरपास (VUP), 18 लाइट वेहिकुलर अंडरपास (LVUP), 26 स्मॉल वेहिकुलर अंडरपास (SVUP), 21 मवेशी एवं पैदल यात्री अंडरपास (PUP) और 278 बॉक्स पुलिया (Culverts) का निर्माण किया जा रहा है।

कोरबा परियोजना इकाई के परियोजना निदेशक,  डीडी पार्लावर ने जानकारी दी कि यह खंड रायपुर-धनबाद कॉरिडोर की रीढ़ की हड्डी के समान है। इसका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को नई मजबूती प्रदान करना है। यह राजमार्ग रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक केंद्रों को सीधे झारखंड के धनबाद से जोड़ेगा, जिससे कोयला खदानों और प्रमुख इस्पात संयंत्रों (जैसे रांची और जमशेदपुर) के बीच रसद परिवहन सुगम हो जाएगा।

यह कॉरिडोर जशपुर जिले के लिए केवल एक सड़क मात्र नहीं, बल्कि एक ‘लाइफलाइन’ साबित होगा। इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर जैसे महत्वपूर्ण नगरों को एकीकृत (NHAI Chhattisgarh Mega Project 2026) करेगा। तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी के परिणामस्वरूप ईंधन की बचत, यात्रा समय में कमी और परिवहन लागत में गिरावट आएगी। साथ ही, वस्तुओं और खनिजों के कुशल परिवहन से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार व नए व्यावसायिक अवसरों का सृजन होगा।

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