छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी (NH-130D) के उन्नयन ने विकास की नई इबारत लिखी है। कोण्डागांव-नारायणपुर मार्ग के 12.6 किलोमीटर लंबे हिस्से के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि किसानों, छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को भी बड़ा लाभ मिला है। यह परियोजना अब क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला बन गई है।
जर्जर सड़क से मिली राहत, सुरक्षित हुआ सफर NH-130D News
कुछ समय पहले तक यह मार्ग गहरे गड्ढों और खराब सड़क के कारण लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते थे। सड़क बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा भी घटा है। अब लोग सुरक्षित और आरामदायक सफर कर पा रहे हैं।
किसानों और व्यापारियों को मिला सीधा फायदा
बेहतर सड़क बनने से किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी हो रही है। परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आई है। वहीं स्थानीय व्यापारियों के लिए माल ढुलाई आसान होने से कारोबार को भी गति मिली है। सड़क बेहतर होने से वाहनों की ईंधन खपत और रखरखाव का खर्च भी कम हुआ है।
स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को मिली रफ्तार
नई सड़क का सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में देखने को मिल (NH-130D News) रहा है। अब गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस से जिला अस्पताल तक तेजी से पहुंचाया जा रहा है। वहीं विद्यार्थियों के लिए स्कूल, कॉलेज और तकनीकी संस्थानों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और आसान हो गया है।
लोगों का बढ़ा प्रशासन पर भरोसा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण होने से शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। लोगों का मानना है कि NH-130D का नया स्वरूप केवल सड़क परियोजना नहीं, बल्कि नारायणपुर में रोजगार, व्यापार और विकास की नई संभावनाओं का द्वार है।
