राजस्थान में बुधवार सुबह से ही नीट परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी बेचैनी (NEET Leak) का माहौल रहा। कोचिंग संस्थानों के बाहर, छात्रावासों में और सोशल मीडिया पर एक ही चर्चा चलती रही कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा का सवाल बाहर कैसे पहुंच गया। जैसे जैसे जांच आगे बढ़ती गई, वैसे वैसे पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं और कई राज्यों तक फैला नेटवर्क सामने आने लगा।
सीकर से लेकर जयपुर तक देर रात पुलिस और जांच एजेंसियों की गतिविधियां लगातार बढ़ी हुई थीं। कई जगहों पर पूछताछ चल रही थी और अधिकारी लगातार एक दूसरे से संपर्क में बने हुए थे। रातभर चली इस कार्रवाई के बाद सुबह तक पूरा मामला पूरी तरह बदल चुका था।
रात 8 बजे मिला पहला इनपुट : NEET Leak
8 मई की रात करीब 8 बजे जांच एजेंसी को नीट परीक्षा के पेपर लीक होने की आशंका से जुड़ी जानकारी मिली। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए और देर रात ही उच्च स्तरीय बैठक शुरू कर दी गई। इसके बाद वायरल सवालों का असली प्रश्नपत्र से मिलान शुरू हुआ।
सवालों का मिलान होते ही बढ़ा शक
रात 9 बजे से करीब 12 बजे तक अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर घूम रहे सवालों को असली पेपर से मिलाया। जांच में बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल एक जैसे पाए गए। इसके बाद करीब 80 छात्रों समेत 150 से ज्यादा लोगों से बातचीत कर कड़ियां जोड़नी शुरू की गईं। जब बड़ी संख्या में सवाल और उनके विकल्प मेल खाने लगे तो अधिकारियों का शक गहरा गया।
आधी रात के बाद शुरू हुई पूछताछ
रात 12 बजे के बाद संदिग्ध लोगों से पूछताछ का दौर शुरू हुआ। जांच के दौरान सीकर, झुंझुनूं और केरल तक जुड़े तार सामने आने लगे। इसके बाद जांच टीम सीकर पहुंची और वहां कई छात्रों और उनके परिवार वालों से पूछताछ की गई।
जांच में पता चला कि सीकर में संचालित एक कंसल्टेंसी से पेपर वायरल हुआ था। जब संचालक की लोकेशन निकाली गई तो वह देहरादून में मिला। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उससे पूछताछ की गई और कुछ छात्रों के नाम सामने आए।
ऐसे पहुंची टीम सप्लाई करने वालों तक (NEET Leak)
अगले दिन जांच में एक ई मित्र संचालक का नाम सामने आया। पूछताछ में उसने बताया कि कुछ छात्र फोटोकॉपी करवाने आए थे। यहीं से जांच टीम उन लोगों तक पहुंची जिन्होंने पेपर आगे पहुंचाया था।
इसके बाद जांच जयपुर के जमवारामगढ़ तक पहुंची जहां से दो लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्होंने गुरुग्राम के एक युवक से पेपर खरीदा था। उनका बच्चा सीकर में परीक्षा दे रहा था और उसी के जरिए दूसरे छात्रों तक भी पेपर पहुंचाया गया।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
जांच आगे बढ़ने पर गुरुग्राम और नासिक तक जुड़े नाम सामने आए। पूछताछ में यह भी पता चला कि राजस्थान के अलावा दूसरे राज्यों में भी पेपर पहुंचाया गया था। इसके बाद अलग अलग राज्यों की पुलिस को जानकारी देकर कार्रवाई शुरू की गई।
परीक्षा रद्द करने तक पहुंची बात
पूरे मामले की जानकारी लगातार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को दी (NEET Leak) जाती रही। जांच में सामने आए तथ्यों के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। बाद में कई आरोपियों को केंद्रीय जांच एजेंसी के हवाले भी कर दिया गया ताकि आगे की कार्रवाई तेजी से हो सके।
