NCR Air Pollution : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, बीएस-3 और उससे नीचे स्तर के पुराने वाहन हटाए जाएंगे
NCR Air Pollution
राजधानी दिल्ली और एनसीआर (NCR Air Pollution) में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court on Air Pollution) ने सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने अपने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब बीएस-3 और उससे नीचे स्तर (BS-3 Old Vehicles Ban) के पुराने वाहनों को एनसीआर से हटाने का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि प्रदूषण पर नियंत्रण (Delhi Air Pollution Control) के लिए सिर्फ तात्कालिक कदम ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति भी जरूरी है। कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM Guidelines) को निर्देश दिए हैं कि वह आने वाले वर्ष की तैयारी अभी से शुरू करे, ताकि हर साल सर्दियों में प्रदूषण की यही स्थिति दोबारा न बने।
अब किसे मिलेगी छूट, किस पर होगी कार्रवाई
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि अब केवल
बीएस-4 और उससे ऊपर स्तर (BS-4 Vehicles Allowed)
10 साल तक पुराने डीजल वाहन (Diesel Vehicle Age Limit)
15 साल तक पुराने पेट्रोल वाहन (Petrol Vehicle Age Limit)
को ही दंडात्मक कार्रवाई से छूट मिलेगी। इसके अलावा बीएस-3, बीएस-2 और उससे नीचे स्तर के पुराने वाहनों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
पुराने आदेश में किया गया संशोधन
सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त को दिए गए अपने पुराने आदेश में संशोधन किया है। पहले उस आदेश के तहत 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को राहत दी गई थी, लेकिन इसके चलते बीएस-2 और बीएस-3 उत्सर्जन मानक (Emission Norms) वाले वाहन भी कार्रवाई से बच जा रहे थे।
सीएक्यूएम की अर्जी पर कोर्ट का फैसला
सुनवाई के दौरान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत का ध्यान इस खामी की ओर दिलाया। उन्होंने कहा कि पुराने आदेश के कारण अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले बीएस-2 और बीएस-3 वाहन भी सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं।
कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए आदेश में संशोधन कर दिया और छूट को केवल बीएस-4 और उससे ऊपर स्तर (Vehicle Emission Standard) के वाहनों तक सीमित कर दिया।
हर 15 दिन में होगी सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि एनसीआर में वायु प्रदूषण (NCR Pollution Crisis) एक गंभीर समस्या बन चुका है। अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले में हर 15 दिन पर नियमित सुनवाई की जाएगी और हालात की समीक्षा की जाएगी।
अगले साल के लिए अभी से तैयारी के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा कि हर साल प्रदूषण बढ़ने के बाद कदम उठाना समाधान नहीं है। आयोग को दीर्घकालिक उपायों (Long Term Pollution Solution) को मजबूत करना होगा, ताकि आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जहरीली हवा में सांस न लेनी पड़े।
