छत्तीसगढ़

Naxal Threat Letter : मजिस्ट्रेट को ‘नक्सली’ की खौफनाक चिट्ठी, 3 करोड़ की मांग और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने (Naxal Threat Letter) आया है, जहां एक प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट को जान से मारने की धमकी दी गई है। गुंडरदेही में पदस्थ न्यायाधीश प्रशांत कुमार देवांगन को डाक के जरिए मिले एक संदिग्ध पत्र ने पूरे प्रशासनिक और न्यायिक अमले में हड़कंप मचा दिया है।

खुद को नक्सली संगठन का सदस्य बताने वाले शख्स ने न केवल मजिस्ट्रेट को जान से मारने की धमकी दी है, बल्कि 3 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती की मांग भी की है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप है और पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि यह किसी नक्सली संगठन की वास्तविक धमकी है या किसी शरारती तत्व की सोची-समझी साजिश।

‘दुष्टों को मारना हमारा काम’: पत्र में लगाए गए गंभीर आरोप (Naxal Threat Letter)

मजिस्ट्रेट को मिला यह बंद लिफाफा आरोपों और धमकियों से भरा हुआ है। पत्र में लिखा गया है कि “हमें फिरौती चाहिए, नहीं तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को जान से मार देंगे।” आरोपी ने न्यायाधीश पर रिश्वत लेकर गलत आदेश देने और बाबू के साथ मिलकर फाइलें गायब करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।

पत्र में आगे लिखा गया है कि “हमें तुम जैसे दुष्टों को मारकर देश को बचाना है।” धमकी देने वाले ने खुद को कांकेर और बस्तर के नक्सली संगठन से जुड़ा बताया है और चेतावनी दी है कि वे उड़ीसा और झारखंड तक फैले हुए हैं, इसलिए उन्हें कोई बचा नहीं पाएगा।

पुलिस की रडार पर संदिग्ध: सुरक्षा घेरा किया गया कड़ा (Naxal Threat Letter)

मामले की गंभीरता को देखते हुए गुंडरदेही पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें पत्र के स्रोत का पता लगाने के लिए पोस्ट ऑफिस और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स की मदद ले रही हैं।

पुलिस इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि क्या हाल ही में न्यायाधीश द्वारा सुनाए गए किसी फैसले से नाराज होकर किसी अपराधी ने नक्सलवाद के नाम का सहारा लिया है। फिलहाल, न्यायिक अधिकारी और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर विशेष एहतियात बरती जा रही है और बालोद पुलिस जल्द ही इस गुत्थी को सुलझाने का दावा कर रही है।

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