Navi Pillay Nobel Peace Prize: युद्ध अपराध और नरसंहार के खिलाफ न्याय की लड़ाई तक निभाई अहम भूमिका
ओस्लो। भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद नवनेथम ‘नवी’ पिल्लै को वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार (Navi Pillay Nobel Peace Prize:) देने की घोषणा की गई है। नॉर्वे की नोबेल समिति ने अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने, मानवाधिकारों की रक्षा और युद्ध अपराध तथा नरसंहार के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए उन्हें चुना है।
दक्षिण अफ्रीका के डरबन में भारतीय तमिल मूल के परिवार में जन्मीं पिल्लै (Navi Pillay Nobel Peace Prize:) ने रंगभेद के खिलाफ संघर्ष के दौरान नेल्सन मंडेला सहित अनेक कार्यकर्ताओं की कानूनी मदद की थी। पिल्लै ने 1967 में नटाल प्रांत में वकालत शुरू कर इतिहास रचा। बाद में वे दक्षिण अफ्रीका के हाई कोर्ट में नियुक्त होने वाली पहली अश्वेत महिला न्यायाधीश बनीं। वर्ष 1995 में उन्हें रवांडा नरसंहार से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण में न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
उन्होंने 1999 से 2003 तक इसकी अध्यक्षता की। इसके बाद वे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की न्यायाधीश बनीं। वर्ष 2008 से 2014 तक पिल्लै (Navi Pillay Nobel Peace Prize:) संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त रहीं। इस दौरान उन्होंने मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में जवाबदेही पर जोर दिया। नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें 10 दिसंबर को ओस्लो में प्रदान किया जाएगा।
