MP Agriculture Success : सीएम मोहन यादव बोले- कृषि विकास में एमपी ने बनाई खेती की नई पहचान

मध्य प्रदेश अब केवल ‘सोया स्टेट’ नहीं, बल्कि देश का नया ‘अन्न भंडार’ बनने की ओर तेजी (MP Agriculture Success) से अग्रसर है। जबलपुर के जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (JNKVV) में आयोजित ‘कृषि मंथन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि खेती के कई क्षेत्रों में मध्य प्रदेश ने अब हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनेगा यह साल (MP Agriculture Success)
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश सरकार इस पूरे वर्ष को ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को नई तकनीक और आधुनिक उपकरणों से जोड़ना है।” कार्यक्रम के दौरान सीएम ने स्पष्ट किया कि एमपी की विकास दर में कृषि का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार इसे और ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
करोड़ों की सौगात और नए भवनों का लोकार्पण
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जबलपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए लगभग 16 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों (MP Agriculture Success) की सौगात दी। इसमें सबसे प्रमुख JNKVV का नया प्रशासनिक भवन रहा, जिसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा बोहानी में गन्ना अनुसंधान केंद्र और बालाघाट में कौशल विकास केंद्र का भी लोकार्पण किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर शोध और ट्रेनिंग को मजबूती मिलेगी।
युवाओं और तकनीक पर फोकस, स्टार्टअप्स को मदद
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में हाथ आजमा रहे युवाओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने 10 नए स्टार्टअप्स शुरू करने वाले युवाओं को 108 लाख रुपये की राशि वितरित (MP Agriculture Success) की। साथ ही, खेती को डिजिटल बनाने की दिशा में ‘जवाहर डिजिटल स्कैनर’ और ‘कृषि अनुसंधान ट्रैकिंग एप’ का विमोचन भी किया गया।
खाद्यान्न और जीनोम संरक्षण में एमपी की बड़ी उपलब्धि
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रमोद मिश्रा ने प्रदेश की ताकत के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। मूंगफली उत्पादन में भी प्रदेश तीसरे नंबर पर आ गया है। सबसे खास बात यह रही कि विश्वविद्यालय ने अब तक 47 फसलों की 345 उन्नत किस्में विकसित की हैं, और यहाँ गेहूं की 1100 से अधिक किस्मों के जीनोम सुरक्षित रखे गए हैं।
मंत्रियों की गैरमौजूदगी रही चर्चा का विषय
कार्यक्रम में जहाँ विकास की बड़ी बातें हुईं, वहीं कई दिग्गज मंत्रियों की अनुपस्थिति ने सियासी गलियारों में चर्चा (MP Agriculture Success) छेड़ दी। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा समेत कई विभागीय मंत्रियों को शामिल होना था, लेकिन मुख्यमंत्री के साथ केवल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल और पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ही मंच पर नजर आए।



