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Raipur Police Commissioner : चार्ज लेते ही एक्शन, पुलिस कमिश्नर ने रात में कसा शिकंजा

कुर्सी संभालते ही संकेत साफ दे दिए गए कि कामकाज अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा। देर रात तक चली बैठकों और सीधे निर्देशों ने यह जता दिया कि आने वाले दिनों में शहर की पुलिसिंग का तरीका बदलने वाला है।

रायपुर में पुलिस कमिश्नर का कार्यभार संभालते ही डॉ. संजीव शुक्ला एक्शन मोड में नजर आए। शनिवार देर रात उन्होंने सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन में रायपुर कमिश्नरेट की पहली समीक्षा बैठक (Raipur Police Commissioner) ली। इस बैठक में डिप्टी पुलिस कमिश्नर, एडिशनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर और थाना प्रभारियों को बुलाकर शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की प्राथमिकताओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।

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बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से परिचय लेने के बाद रायपुर कमिश्नरेट की प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने शहर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, विजिबल पुलिसिंग को मजबूत करने, पैदल पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। चाकूबाजी, नशाखोरी और अड्डेबाजी जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए उन्होंने गुंडा और निगरानी बदमाशों पर कड़ी नजर रखने को कहा।

पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चाकूबाजी की छोटी से छोटी घटना पर भी कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए और आरोपियों के खिलाफ कठोर (Raipur Police Commissioner) कार्रवाई हो। प्रतिबंधित नशे के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने और इसके पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस कार्रवाई के आदेश दिए गए।

कानून-व्यवस्था को लेकर बिना अनुमति रैली, धरना या सामूहिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। इसके साथ ही निर्धारित समय के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट को अनिवार्य रूप से बंद कराने को कहा गया। पुलिस कर्मियों में अनुशासन बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ काम करने पर भी पुलिस कमिश्नर ने जोर दिया।

https://youtu.be/U7QsXTgVt2I

इसके बाद साइबर और क्राइम से जुड़े अधिकारियों के साथ अलग बैठक कर साइबर अपराधों के मामलों में पीड़ितों को त्वरित सहायता देने और मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश (Raipur Police Commissioner) दिए गए।

रात करीब 10 बजे यातायात अधिकारियों की बैठक लेकर शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और चालान के नाम पर आम नागरिकों को अनावश्यक परेशान न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। वहीं, जिला विशेष शाखा के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में आसूचना तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

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