Medicine Purchase Scam : छत्तीसगढ़ दवा घोटाले में अब सीबीआइ की एंट्री…!
Medicine Purchase Scam
प्रदेश के दवा खरीदी घोटाले (Medicine Purchase Scam) पर अब शिकंजा कसता जा रहा है। यह मामला अब केवल कागजी जांच या आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि गिरफ्तारी, तबादले और अब सीबीआइ जांच तक पहुंच चुका है।
सूत्रों की माने तो सामने आए तथ्यों ने शासन और जांच एजेंसियों को कार्रवाई के लिए मजबूर किया, जिसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े इस बड़े घोटाले में जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कदम उठाए गए।
रायपुर में सामने आए इस मामले में दवा निगम के चार अधिकारियों के साथ एक दवा कंपनी के संचालक को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही दवा निगम के प्रबंध संचालक और तकनीकी प्रबंधक का तबादला कर दिया गया, जिससे यह संकेत साफ है कि सरकार इस प्रकरण को गंभीरता से ले रही है। यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला सिर्फ वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ने वाला था। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए खरीदी जाने वाली दवाओं और चिकित्सकीय उपकरणों में नियमों को दरकिनार कर चहेती कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
प्रारंभिक जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की गई, जिसमें करीब 400 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और गुणवत्ता मानकों से समझौता किया गया।
ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट के बाद मामला और गंभीर होता गया। दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और खरीद प्रक्रियाओं की पड़ताल में कई स्तरों पर मिलीभगत के संकेत मिले। इसी के चलते अब पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई है। सीबीआइ जांच (CBI Investigation) की मंजूरी मिलना इस बात का संकेत है कि सरकार इस प्रकरण में किसी भी स्तर पर कोताही बरतने के मूड में नहीं है।
इस घोटाले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भ्रष्टाचार किस हद तक जड़ें जमा चुका है। दवाओं और उपकरणों की खरीदी में की गई गड़बड़ियों का सीधा असर मरीजों और आम नागरिकों पर पड़ता है। ऐसे में इस मामले में की जा रही कार्रवाई को व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पूरे घटनाक्रम ने यह भी साबित किया है कि जब तथ्यों के साथ सशक्त तरीके से मामला सामने आता है, तो सिस्टम को भी हरकत में आना पड़ता है। आने वाले दिनों में सीबीआइ जांच के साथ इस दवा खरीदी घोटाले (Medicine Purchase Scam) से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
