Marriage Certificate Process : छत्तीसगढ़ में शादी का रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य, 7 दिन में मिलेगा मैरिज सर्टिफिकेट, फर्जी और बाल विवाह पर कसेगा शिकंजा

Marriage Certificate Process

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छत्तीसगढ़ में अब विवाह के बाद उसका पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया (Marriage Certificate Process) गया है, जिससे न केवल कानूनी प्रक्रिया सरल होगी बल्कि फर्जी शादी और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।

राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इस व्यवस्था के तहत विवाह संपन्न होने के बाद संबंधित दंपती को तय समय सीमा में आवेदन करना होगा, जिसके बाद महज 7 दिनों के भीतर मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया (Marriage Certificate Process) जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाया गया है,

ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। विवाह पंजीयन के लिए वर-वधू की उम्र, पहचान पत्र, विवाह का प्रमाण, गवाहों की जानकारी और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन या अधिकृत कार्यालय में जमा किए जाएंगे, जबकि निर्धारित शुल्क भी बेहद सामान्य रखा गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर बोझ न पड़े।

प्रशासन का मानना है कि अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से बाल विवाह के मामलों की समय रहते पहचान हो (Marriage Certificate Process) सकेगी और कागजों में की जाने वाली फर्जी शादियों पर भी रोक लगेगी। इसके अलावा यह प्रमाण पत्र भविष्य में बैंकिंग, पासपोर्ट, बीमा, उत्तराधिकार और सरकारी योजनाओं में दंपती के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में काम आएगा।

जानकारों के मुताबिक इस कदम से विवाह संबंधी कानूनी विवादों में भी कमी आएगी और महिलाओं के अधिकारों को मजबूती मिलेगी, वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि वे शादी के बाद तय प्रक्रिया का पालन करते हुए समय पर रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं।

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