छत्तीसगढ़

Maoism Elimination Lok Sabha Debate : संसद में गूंजेगी बस्तर की जीत, माओवाद के खात्मे पर कल लोकसभा में ऐतिहासिक चर्चा

भारत के आंतरिक सुरक्षा इतिहास में कल का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। पिछले पांच दशकों से बस्तर के विकास और सामाजिक ताने-बाने को छलनी करने वाला माओवाद अब अपने अंतिम सांसें गिन रहा है। सोमवार को लोकसभा में Maoism Elimination Lok Sabha Debate (माओवाद उन्मूलन लोकसभा चर्चा) के माध्यम से इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुहर लगाई जाएगी। यह चर्चा 31 मार्च की उस निर्धारित समय सीमा से ठीक पहले हो रही है, जिसे सरकार ने नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लिए तय किया था।

संसद में सुनाई देगी बस्तर की दहाड़ (Maoism Elimination Lok Sabha Debate )

सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे Maoism Elimination Lok Sabha Debate (माओवाद उन्मूलन लोकसभा चर्चा) की शुरुआत करेंगे। इस दौरान केंद्र सरकार बस्तर संभाग के 96 प्रतिशत क्षेत्र के माओवाद मुक्त होने की आधिकारिक जानकारी साझा करेगी। यह उपलब्धि सुरक्षा बलों के उस अटूट संकल्प का परिणाम है, जिसने सुदूर वनांचलों में तिरंगा फहराया है।

पिंचर अभियान ने तोड़ी माओवाद की कमर

पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए ‘पिंचर अभियान’ ने माओवादियों के अभेद्य किलों को ध्वस्त कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस Maoism Elimination Lok Sabha Debate (माओवाद उन्मूलन लोकसभा चर्चा) में पेश होने वाले तथ्य बेहद चौंकाने वाले हैं। अभियान के दौरान 500 से अधिक माओवादियों को मार गिराया गया है, जिसमें संगठन का शीर्ष महासचिव भी शामिल है। इसके अलावा, करीब 3,000 माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है, जबकि 2,000 से अधिक की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है।

अब गिनती के बचे हैं नक्सली

बस्तर के उन जिलों में जहां कभी नक्सलियों की समानांतर सरकार चलती थी, अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। Maoism Elimination Lok Sabha Debate (माओवाद उन्मूलन लोकसभा चर्चा) के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि दंतेवाड़ा जैसे संवेदनशील जिले में अब मात्र एक सक्रिय माओवादी बचा है, वहीं नारायणपुर में यह संख्या घटकर केवल दो रह गई है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि माओवाद अब अपने अस्तित्व की अंतिम लड़ाई लड़ रहा है और बहुत जल्द बस्तर का कोना-कोना पूरी तरह से सुरक्षित होगा।

विकास की नई राह पर बस्तर

संसद में होने वाली इस Maoism Elimination Lok Sabha Debate (माओवाद उन्मूलन लोकसभा चर्चा) का मुख्य उद्देश्य न केवल सैन्य सफलता का जश्न मनाना है, बल्कि माओवाद के बाद बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास पर भावी रोडमैप तैयार करना भी है। गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं, जो लाल गलियारे के अंत का आधिकारिक ऐलान हो सकता है।

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