संपादकीय: अपना आपा खोती ममता बनर्जी

Mamata Banerjee Losing Her Cool: बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमों ममता बनर्जी बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी करारी शिकस्त के बाद से ही बदहवास हो गई हैं। ऊपर से उनकी पार्टी छोड़कर लोग भाग रहे हैं। पार्षदों और विधायकों के अलावा सांसदों ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। अब तो बागी विधायकों के गुट ने टीएमसी पर कब्जा करने की कवायाद भी शुरू कर दी है।

जिससे ममता बनर्जी का मानसिक संतुलन गडबड़ाने लगा है। टीएमसी के जिन तीन राज्यसभा सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन तीनों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। यह भी ममता बनर्जी के लिए करारा झटका है। इधर बंगाल में लोग टीएमसी के नेताओं के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। टीएमसी नेताओं को देखते ही चोर चोर के नारे लगाने लगते हैं और उन पर अंडो की बरसात करते हैं। नतीजतन अब टीएमसी के नेता घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। इन घटनाओं से भी ममता बनर्जी बुरी तरह बौखलाई हुई है।

हाल ही में हुई एक मासूम बच्ची से हैवानियत की घटना के बाद टीएमसी की यूथ विंग ने प्रदर्शन किया लेकिन लोगों की भीड़ ने इन प्रदर्शकारियों की ही ठुकाई कर दी। जिससे दर्जनों टीएमसी कार्यकर्ता घायल हो गये । इसके बाद ममता बनर्जी अपने घर से निकली और उन्होंने भी प्रदर्शन करने की कोशिश की तो उन्हें भी लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा उन्हें देखकर भी भीड़ चोर चोर के नारे लगाने लगी और उनके ऊपर भी अंडे फेंके गये। इससे अपना आपा खोकर ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ जड दिया और गुस्से में वापस घर लौट गई।

ममता बनर्जी को इस बात पर ताव आ गया था कि उनके प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने अपेक्षित भीड़ नहीं जुटाई थी। अब ममता बनर्जी को यह बात समझ लेनी चाहिए कि बंगाल में उनका खेला खत्म हो गया है। अब उनकी स्थिति उस खिसयानी बिल्ली की तरह हो गई है जो खंभा नोचती है। बेहतर होगा कि ममता बनर्जी आत्म चिंतन करें अपनी ही पार्टी के कार्यकताओं पर बेवजह का गुस्सा निकालकर अपनी बची खुची पार्टी का बोरिया बिस्तर न बांधे।

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