Malti Chahar Casting Couch : “उम्र का फ़ासला भरोसे पर भारी पड़ा… मालती चहर ने कास्टिंग काउच का दर्द सुनाया, बोले– ‘जम सी गई थी मैं’”

Malti Chahar Casting Couch

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मनोरंजन जगत की चमकती रोशनी के पीछे अक्सर वे कहानियाँ दबी होती हैं, जिनके बारे में बाहर की दुनिया (Malti Chahar Casting Couch) बहुत कम जान पाती है। रियलिटी शो बिग बॉस–19 से चर्चा में आईं मालती चहर ने हाल ही में अपने जीवन का एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने उन्हें अंदर तक हिला दिया था। यह अनुभव कास्टिंग काउच से जुड़ा था—और खुद मालती के शब्दों में यह घटना उनके लिए सदमे से कम नहीं थी।

Malti Chahar Casting Couch
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मालती ने बताया कि कभी ऐसा हुआ कि जिस व्यक्ति पर उन्होंने भरोसा किया, उसी ने उनका भरोसा तोड़ दिया। वह व्यक्ति उम्र में काफी बड़ा था—इतना कि मालती उसे पिता समान मानती थीं। काम की चर्चा के दौरान उनकी बार–बार मुलाकात होती रहीं, और मालती (Malti Chahar Casting Couch) कहती हैं कि वे हमेशा बेहद आदर और सम्मान के साथ पेश आती थीं। लेकिन एक दिन, मुलाकात के अंत में उन्होंने शिष्टाचार के तहत उस व्यक्ति को गले लगाया—और तभी सब कुछ बदल गया।

मालती के मुताबिक, उसी पल उसने अचानक उन्हें होंठों पर किस कर दिया। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि मालती को समझ ही नहीं आया कि क्षण भर पहले क्या घटित (Malti Chahar Casting Couch) हो गया। उन्होंने कहा, “मैं जम सी गई थी… कुछ बोलने की हिम्मत ही नहीं बची। मुझे सिर्फ इतना पता है कि मैंने तुरंत खुद को अलग किया और फिर कभी वापस उस व्यक्ति से नहीं मिली।”

उन्होंने बताया कि यह घटना उनके लिए न सिर्फ चौंकाने वाली थी, बल्कि भावनात्मक रूप से तकलीफ़देह भी। “कभी सोचा ही नहीं था कि इतना उम्रदराज इंसान ऐसा कर सकता है। मुझे लगा था कि उम्र और अनुभव इंसान को संयम सिखाते हैं… लेकिन उस दिन मुझे भरोसा का मतलब समझ आया।”

मालती ने यह भी कहा कि इस इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच कोई छुपा हुआ सच नहीं है। वह बताती हैं कि कई बार लोग अपनी सीमाएँ परखते हैं, कई बार अपनी ताकत और पद का गलत इस्तेमाल करने (Malti Chahar Casting Couch) की कोशिश भी करते हैं। लेकिन मालती के अनुसार, जागरूकता और आत्मविश्वास इन परिस्थितियों में सबसे बड़ा सहारा बनते हैं।

उनकी परवरिश ने उन्हें गलत स्थितियों से निपटने की क्षमता दी। उनके पिता भारतीय वायु सेना से जुड़े रहे हैं, और घर में अनुशासन, स्पष्टता और आत्मसम्मान हमेशा से प्राथमिकता में रहे। मालती कहती हैं, “इस माहौल ने मुझे सिखाया कि सीमाएँ तय करनी जरूरी हैं। किसी के प्रति आदर, किसी को यह अधिकार नहीं देता कि वह आपके स्पेस में घुस आए।”

उन्होंने युवा लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि मनोरंजन की दुनिया में अवसरों की कमी नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी है। “सपनों के पीछे भागना गलत नहीं, लेकिन खुद को खोकर सपने पूरे करना किसी भी कीमत पर सही नहीं,” उन्होंने कहा।

घटना को याद करते हुए आज भी उनका स्वर स्थिर है, लेकिन शब्दों में संवेदना साफ झलकती है। “वह क्षण मेरे लिए एक सबक था,” मालती ने कहा, “और मैं चाहती हूं कि हर लड़की अपनी रक्षा खुद कर सके। कोई भी बात मन में दबा कर न रखे। आवाज उठाना जरूरी है।”