उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार नए रिकॉर्ड बना (Mahakaleshwar Temple) रही है। महाकाल लोक बनने के बाद मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसका असर मंदिर की आय पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में मंदिर को दान के रूप में अब तक का रिकॉर्ड 144 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से न केवल दान में वृद्धि हुई है, बल्कि प्रसाद और अन्य व्यवस्थाओं से होने वाली आय में भी उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया है।
144 करोड़ रुपये का मिला दान Mahakaleshwar Temple
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान महाकालेश्वर मंदिर समिति को कुल 144 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। यह अब तक के सबसे बड़े वार्षिक दान आंकड़ों में शामिल माना जा रहा है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि महाकाल लोक बनने के बाद देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
लड्डू प्रसाद से हुई 65 करोड़ रुपये की आय
मंदिर की आय में सबसे बड़ा योगदान लड्डू प्रसाद का रहा। आंकड़ों के अनुसार केवल लड्डू प्रसाद की बिक्री से लगभग 65 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसके अलावा दर्शन व्यवस्था, विशेष पूजा और अन्य सेवाओं से भी मंदिर समिति की आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
महाकाल लोक बनने के बाद बढ़ी भीड़
महाकाल कॉरिडोर के निर्माण के बाद उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल (Mahakaleshwar Temple) हो गया है। बेहतर सुविधाओं और विस्तृत परिसर की वजह से हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिल रही है।
धार्मिक यात्राओं में भी बढ़ रहा उत्साह
इधर 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में भी खराब मौसम के बावजूद अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर (Mahakaleshwar Temple) चुके हैं। इसके साथ ही बूढ़ा केदारनाथ धाम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है।
