छत्तीसगढ़

Korba Fake School Investigation : कागज़ों में सुलगती कार्रवाई…बिना मान्यता के चल रहे स्कूल पर एक साल से ‘जांच का ड्रामा’…डीईओ की चुप्पी पर उठे सवाल…

कोरबा/नवप्रदेश, 28 मई| Korba Fake School Investigation : तुलसी नगर में संचालित  कौशिल विद्यालय के फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई करने डीईओ के हाथ कांप रहे है। सूत्रधार की माने तो पिछले एक साल से जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा धीमी आंच पर जांच पर जांच करते हुए प्रकरण को ठंडा करने का प्रयास हो रहा है।

बता  दें कि कोरबा के गौरव युवा मंडल तुलसीनगर द्वारा संचालित कौशिल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तुलसीनगर, कोरबा की मान्यता और आरटीई पोर्टल से संबंधित अनियमितताओं की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित 16 अप्रैल को की गई थी। कमेटी में प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, साडा कन्या, टीपी नगर और प्राचार्य, सेजेस एनसीडीसी को शामिल किया गया (Korba Fake School Investigation)था । जिन्हें दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट देने का आदेश किया था। डीईओ के आदेश के एक माह गुजरने के बाद भी आज तक जांच नही हो पाया है। इससे जाहिर है स्वयं डीईओ जांच को टालने का प्रयास में लगे है।

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जांच समिति को विद्यालय की मान्यता, पिछले तीन वर्षों में कक्षावार दर्ज छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की संख्या, शिक्षकों को दिए गए वेतन, आरटीई पोर्टल में दर्ज छात्र-छात्राओं की संख्या, शासन से प्राप्त आरटीई राशि, इस राशि का ऑडिट, और यू-डाइस में दर्ज आधार आईडी के आधार पर जनरेट हुए छात्र-छात्राओं की जानकारी से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिया गया (Korba Fake School Investigation)था। कमेटी को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपनी थी। बावजूद आज तक जांच रिपोर्ट नही सौंपा गया है।

क्या है मामला

जानकारी के अनुसार, कौशिल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का संचालन कई वर्षों से बिना मान्यता के किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राचार्य को मान्यता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कई बार पत्र जारी किए गए, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई दस्तावेज जमा नहीं किया (Korba Fake School Investigation)है। इसके अलावा, विद्यालय में प्रवेशित छात्र-छात्राओं, उनके पालकों, और आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इन अनियमितताओं के चलते जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थी।

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एक साल से चल रहा जांच पर जांच का खेल

शिकायतकर्ता की माने तो पिछले एक साल पहले कौशिल विद्यालय की शिकायत को गई । जांच भी अलग अलग तरीके से कराई जा चुकी है । बावजूद इसके डीईओ तामेश्वर उपाध्याय स्कूल संचालक को अवसर देते हुए बार- बार जांच की बात कहते हुए बचाने का प्रयास कर रहे है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई – डीईओ

जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय ने कहा कि कौशिल विद्यालय के खिलाफ मिली शिकायत पर 16 अप्रैल को एक पत्र जारी कर दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। उनकी जांच रिपोर्ट अब तक नही मिली है रिपोर्ट आने के बाद विधिवत कार्रवाई की जाएगी।

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