Jharkhand Nikay Chunav : सीएम सोरेन बोले- निकाय चुनाव को रहें तैयार कार्यकर्ता, दलीय होने पर बना सस्पेंस
Jharkhand Nikay Chunav
मुख्यमंत्री सह झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से नगर निकाय चुनाव (Jharkhand Nikay Chunav) को लेकर पूरी तरह तैयार रहने का आह्वान किया है। चुनाव की संभावनाएं बनते ही पार्टी कार्यालयों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और संगठन स्तर पर हलचल साफ दिखाई देने लगी है।
निकाय चुनाव (Jharkhand Nikay Chunav) को लेकर सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या यह चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएंगे या नहीं। भारतीय जनता पार्टी के कई नेता पहले ही इसे पार्टी सिंबल पर कराने की मांग उठा चुके हैं। वहीं, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने भी अपने प्रदेश स्तरीय बैठक में सभी जिला अध्यक्षों से निकाय चुनाव लड़ने के इच्छुक पार्टी कार्यकर्ताओं की सूची तलब की है।
इसी क्रम में झामुमो प्रमुख और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में निकाय चुनाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव कार्यकर्ताओं के लिए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और संगठन की ताकत को परखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने पर जोर दिया।
कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के सभागार में रांची जिला अंतर्गत सभी स्तर के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक मुद्दों, पार्टी की गतिविधियों और आगामी रणनीति की समीक्षा की गई। बैठक में निकाय चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई।
झामुमो की बैठक में ये नेता रहे मौजूद
बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के साथ केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय, केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, केंद्रीय सचिव अभिषेक प्रसाद ‘पिंटू’, केंद्रीय सदस्य पवन जेडिया, अश्विनी शर्मा, अंतु तिर्की, समनूर मंसूरी, हेमलाल मेहता, रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम, नयनतारा उरांव, संध्या गुड़िया, सुषमा वरदेवा, अंकिता वर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
दलीय आधार पर नहीं होने के बावजूद सियासी होड़ तेज
हालांकि इस बार नगर निकाय चुनाव (Jharkhand Nikay Chunav) दलगत आधार पर नहीं कराए जाने की तैयारी है, इसके बावजूद राज्य की सियासत में बढ़त बनाने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक चुके हैं। पर्दे के पीछे से अपने समर्थित उम्मीदवारों को जिताने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
चुनाव की आहट मिलते ही पार्टी कार्यालयों में गहमागहमी बढ़ गई है। चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता और कार्यकर्ता पार्टी नेतृत्व से समर्थन पाने के लिए लगातार संपर्क साध रहे हैं। वहीं, सभी दलों के शीर्ष नेतृत्व ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में आने और बूथ स्तर पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
राज्य में नगर निकाय चुनाव फरवरी माह में होने की संभावना जताई जा रही है, जिसकी आधिकारिक अधिसूचना इसी माह जारी हो सकती है। भले ही मतपत्र पर पार्टी के चुनाव चिह्न न हों, लेकिन राजनीतिक दल इसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण लिटमस टेस्ट के रूप में देख रहे हैं।
