
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क (Jaishankar Abbas Araghchi Meeting) तेज हो गए हैं। भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi के बीच हाल ही में महत्वपूर्ण बातचीत हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई।
द्विपक्षीय रिश्तों और BRICS पर चर्चा
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान भारत-ईरान संबंधों के साथ-साथ BRICS से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार (Jaishankar Abbas Araghchi Meeting) बढ़ रहा है। क्षेत्र में Iran और Israel के बीच बढ़ते टकराव और अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तनाव का असर महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz पर भी पड़ सकता है, जो वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए यह मार्ग बेहद अहम माना जाता है।
पहले भी कई बार हुई बातचीत
बताया जा रहा है कि हाल के हफ्तों में जयशंकर और अराघची के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। फरवरी के अंत और मार्च के शुरुआती दिनों में भी दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जैसे मुद्दों पर चर्चा की थी।
भारत-ईरान संबंधों का महत्व
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक सहयोग (Jaishankar Abbas Araghchi Meeting) रहा है। दोनों देशों के रिश्ते ऊर्जा व्यापार, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और Chabahar Port जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच लगातार संवाद क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।



